मेनोपॉज के दौरान दिल में होने वाले बदलाव के 6 लक्षण

मेनोपॉज के दौरान महिला के शरीर में एस्‍ट्रोजन हार्मोन कम होता है, और यही दिल की समस्‍या का कारण बनता है। चलिए जानें मेनोपॉज के दौरान दिल में होने वाले बदलाव कौंन से होते हैं।

Devendra Tiwari
Written by: Devendra Tiwari Published at: Jul 05, 2016

मेनोपॉज और बदलाव

मेनोपॉज और बदलाव
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जब भी हम मेनोपॉज की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में अनिद्रा, रात में पसीना आना, थकान, आदि समस्‍यायें सामने आती हैं। यानी इस दौरान दिल की समस्‍याओं की बात कोई नहीं करता है। जबकि सच्‍चाई यह है कि मेनापॉज के दौरान दिल की बीमारियां भी होती हैं और महिला के दिल में भी बदलाव देखे जाते हैं। दिल की बीमारियां महिलाओं में अधिक होती हैं, खासकर 50 और 54 के बीच में दिल की बीमारियों के होने का खतरा अधिक रहता है। मेनोपॉज के दौरान महिला के शरीर में एस्‍ट्रोजन हार्मोन कम होता है, और यही दिल की समस्‍या का कारण बनता है। Images source : © Getty Images

क्‍या है कारण

क्‍या है कारण
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सामान्‍यतया मेनोपॉज 45 की उम्र के बाद महिलाओं में होने वाली एक नैचुरल प्रक्रिया है। इस दौरान जब महिला के शरीर में एस्‍ट्रोजन का स्‍तर कम होने लगता है और ब्‍लड प्रेशर बढ़ने लगता है तो यह सीधा दिल पर असर करता है। इसके कारण रक्‍त वाहिकायें कमजोर होने लगती हैं। इसके कारण दिल पर अधिक दबाव पड़ने लगता है। इस दौरान गुड कोलेस्‍ट्रॉल (एचडीएल) कम होने लगता है और बैड कोलेस्‍ट्रॉल (एलडीएल) का स्‍तर भी बढ़ जाता है, जिसके कारण भी दिल के दौरे का खतरा अधिक रहता है। इसके साथ ही एस्‍ट्रोजन की कमी के कारण ट्राइग्लिसराइड (Triglycerides) जो कि एक प्रकार का फैट होता है और यह रक्‍त को प्रभावित करता है, इसका स्‍तर भी बढ़ने लगता है। यदि मेनोपॉज के दौरान महिला को मधुमेह है तो यह दिल को ही प्रभावित करता है। Images source : © Getty Images

घबराहट होना

घबराहट होना
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मेनोपॉज के दौरान घबराहट होना एक सामान्‍य स्थिति माना जाता है। जबकि यह दिल की समस्‍या की तरफ इशरा रकता है। अगर आपको अधिक घबराहट हो रही है तो इसे नजरंदाज न करें। यह आर्ट्रियल फाइब्रिलाइजेशन के कारण होता है और यह दिल के दौरे के खतरे को बढ़ाता है। Images source : © Getty Images

सांस लेने में समस्‍या

 सांस लेने में समस्‍या
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अगर आपको सांस लेने में समस्‍या हो रही हो खासकर सीढि़यों का प्रयोग करने के बाद आप मुश्किल से सांस ले पाती हैं तो यह भी दिल की कमजोरी की तरफ इशारा करता है। दरअसल यह समस्‍या कांजेस्टिव हार्ट फेलर या कोरोनरी आर्टरी डिजीज की तरफ इशारा करती है। Images source : © Getty Images

सीने में दबाव

सीने में दबाव
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कभी-कभी सीने में दर्द हो रहा है तो यह सामान्‍य हो सकता है, लेकिन अगर आपको लगातार सीने में दर्द और दबाव महसूस हो रहा है तो यह दिल की बीमारी है। जब रक्‍त संचार ठीक से नहीं हो पाता है तो सीने में दबाव महसूस होता है। कभी-कभी यह बहुत ही असहनीय भी हो सकता है। Images source : © Getty Images

सिरदर्द होना

सिरदर्द होना
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अगर लगातार सिर में दर्द हो रहा है तो यह उम्र का असर नहीं है बल्कि दिल की बीमारी है। उच्‍च रक्‍तचाप के कारण भी सिर में दर्द होता है। इसलिए अगर सिर में लगातार दर्द हो रहा हो तो ब्‍लड प्रेशर की जांच करें। Images source : © Getty Images

सीधे लेटने में समस्‍या

सीधे लेटने में समस्‍या
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अगर 50 की उम्र के बाद आपको सीधा लेटने में समस्‍या हो रही है तो भी दिल की समस्‍या है। क्‍योंकि जब फेफड़ों में द्रव की मात्रा अधिक हो जाती है कांजेस्टिव हार्ट फेल्‍योर की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में इंसान सीधे लेट नहीं पाता क्‍योंकि इस स्थिति में सांस लेने में समस्‍या होती है। Images source : © Getty Images

ये लक्षण भी हैं

ये लक्षण भी हैं
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अगर किसी महिला को मेनोपॉज के दौरान डायबिटीज, दिल की समस्‍या, हाइपरटेंशन है तो उसे दिल के दौरे पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। दिल की धड़कन सामान्‍य न हो तो जबड़ों में भी दर्द होने लगता है। इस दौरान पैरों में फ्लड की मात्रा अधिक हो जाती है, यह भी दिल के दौरे की तरफ संकेत करते हैं। हालांकि नियमित व्‍यायाम और बुरी लत को छोड़कर दिल के दौरे की संभावना को कम किया जा सकता है।Images source : © Getty Images

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