शरीर में लचीलापन और मजबूती लाती हैं ये 5 एक्सरसाइज, जानें तरीका और अन्य फायदे

अगर आपके शरीर में लचीलापन नहीं होगा, तो चलने-फिरने, उठने-बैठने जैसे छोटे-छोटे कामों में भी आपको कई परेशानियां आएंगी। आपके शरीर में जितना ज्‍यादा लचीलापन होगा, आप उतने ही ज्‍यादा फुर्तीले और जोशीले होंगे। एक्सरसाइज के द्वारा आप अपने शरीर में लचीलापन ला सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Nov 23, 2018

शरीर में लचीलापन

शरीर में लचीलापन
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आपके शरीर में जितना ज्‍यादा लचीलापन होगा, आप उतने ही ज्‍यादा फुर्तीले और जोशीले होंगे। ऐसा व्‍यक्ति स्‍वभाव से शांत लेकिन हमेशा जोश में रहते हैं। कसरत से शरीर की अव्‍यवस्थित ऊर्जा मुक्‍त होकर संतुलन में आ जाती है और आप ताजगी महसूस करते हैं। चर्बी कम होने से शरीर स्लिम हो जाता है। यदि आप प्रतिदिन अपने पैरों की उंगलियां छूते हैं तो यह प्रक्रिया आपको लचीला बनने में मददगार साबित होगी।

बॉडी स्‍ट्रेच करें

बॉडी स्‍ट्रेच करें
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अपनी दैनिक आदतों में बॉडी को स्‍ट्रेच करने की आदत डाल लें। यह आदत शरीर को ऊर्जा प्रदान करेगी और आपको लचीला बनाएगी। सुबह के समय बिस्‍तर पर किया गया बॉडी स्‍ट्रेच फायदेमंद होता है। इसको आप सोने से पहले भी कर सकते हैं।

योग और पिलेट्स

योग और पिलेट्स
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यदि आप अपने शरीर में लचीलापन लाने के लिए गंभीर हैं तो अपनी दिनचर्या में योग और पिलेट्स को शामिल करें। इनसे आपकी मांसपेशियों में खिंचाव आएगा और वह मजबूत बनेंगी। ऐसा करने पर आपको परिणाम जल्‍दी ही दिखाई देने लगेंगे।

पोस्‍ट एक्‍सरसाइज

पोस्‍ट एक्‍सरसाइज
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अगर आप रनर या साइकलिस्ट हैं तो आपके लिए पोस्‍ट एक्‍सरसाइज महत्‍वपूर्ण होगी। पोस्‍ट एक्‍सरसाइज आपके जोड़ों को टाइट बनाती है। कसरत के बाद कुछ मिनट का पोस्‍ट वर्कआउट स्ट्रेच आपकी बॉडी को लचीला बनाता है।

रोलिंग तकनीक

रोलिंग तकनीक
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रोलिंग तकनीक आपके शरीर को ढीला करने में मदद करती है। फोम रोलर्स तकनीक सस्ती है, इसे आप आसानी से उपयोग भी कर सकते हैं। नियमित रूप से फोम रोलर से व्‍यायाम आपको ज्‍यादा लचीला बनाने में मददगार साबित होगा।

विन्‍यास योग

विन्‍यास योग
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विन्‍यास योग करने से शरीर लचीला होता है। इस योग की मुद्राओं के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव आता है और कड़ी मांसपेशियां लचीली होती हैं। विन्‍यास योग के दौरान मांसपेशियों को पर्याप्‍त मात्रा में ऑक्‍सीजन मिलने के कारण भी ये लचीली बनी रहती हैं। शरीर में लचीलापन आने से मोच और चोट की आशंका कम रहती है।

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