मॉर्निंग-आफ्टर पिल के बारे में हर महिला को पता होनी चाहिए ये 5 बातें

By:Gayatree Verma , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 02, 2016
अगर आप किसी भी तरह के बेडरूम एक्सीडेंट के लिए तैयार नहीं है तो अपने पास ये ‘प्लान बी’ भी तैयार रखें। लेकिन इस ‘प्लान बी’ के बारे में ये 5 बातें जरूर जान लें।
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    बेडरूम एक्सीडेंट और प्लान बी

    सुरेश पिछली रात एहतियात बरतना भूल गया जिसके कारण उसकी पत्नी को मॉर्निंग-ऑफ्टर पिल लेना पड़ा। सुरेश की पत्नी के पास पिल होने की वजह से वो दोनों तो इस बेडरुम एक्सीडेंट और आने वाली अनचाही स्थिति से बच गए। लेकिन हर कोई इस बेडरुम एक्सीडेंट से नहीं बच पाता। इसलिए जरूरी है कि हमेशा अपने पास ‘प्लान बी’ यानी आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां रखें। बेडरूम एक्सीडेंट कभी भी, किसी के साथ भी हो सकते हैं। सो ऐसे में मॉर्निंग-आफ्टर पिल के बारे में ये बातें जरूर जानें और अपने पास ‘प्लान बी’ तौयार रखें।

    बेडरूम एक्सीडेंट और प्लान बी
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    72 नहीं, 12 घंटों के अंदर लें

    टीवी में चल रहे विज्ञापन के भरोसे पिल लेने में देरी ना करें। एक इमरजेंसी पिल लेने की अवधि असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर लेने की हो सकती है, पर इन्हें जितना जल्दी लें, उतना बेहतर है। किसी-किसी के अंडे जल्दी फर्टलाइज होते हैं। ऐसे में शुरुआती 12 घंटों के भीतर ले लेने में ही भलाई है। क्योंकि इससे तुरंत स्पर्म के प्रभाव में कमी आनी शुरू हो जाती है। तो इसे लेने में देरी न करें।

    72 नहीं, 12 घंटों के अंदर लें
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    नहीं है यह अबॉर्शन पिल

    यह अबॉर्शन पिल नहीं है। यह पिल केवल अंडे को फर्टलाइज होने से रोकती है या एक फर्टिलाइज्ड अंडे को गर्भाशय की दीवार पर आरोपित होने से रोकती है। इस पिल से अंडे के बाहर आने में देरी करती है। लेकिन अगर आपका अंडा फर्टलाइज हो चुका है तो ये पिल कुछ नहीं कर सकती।

    नहीं है यह अबॉर्शन पिल
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    एक मासिक चक्र में केवल एक बार

    यह एक आम गर्भनिरोधक गोली की तरह नहीं है जिस कारण इसे ‘प्लान बी’ भी कहते हैं, क्योंकि यह आपातकालीन स्थितियों के लिए ही बनी है। लेकिन इससे इन गोलियों को हमेशा के लिए असुरक्षित यौन संबंध बनाने का ऑप्शन ना बना लें। इन गोलियों की कंपनियां भी इन गोलियों पर साफ लिखती हैं कि इन गोलियों का एक मासिक चक्र में केवल एक बार उपयोग करें। गर्भनिरोधक गोलियों में लेवोनोर्जेस्ट्रेल, हार्मोन प्रोजेस्टिन का सिंथेटिक रूप में इस्तेमाल होता है लेकिन मॉर्निंग-ऑप्टर पिल में इसकी मात्रा बढ़ा दी जाती है जिस कारण ये तुरंत गर्भ-धारण को रोक लेता है जिस कारण भी इसे आपातकालीन गर्भनिरोधक कहा जाता है। इस कारण इसे ज्यादा लेने की मनाही है।

    एक मासिक चक्र में केवल एक बार
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    साल में केवल तीन बार करें इस्तेमाल

    इन गोलियों का एक बार इस्तेमाल करना सही होता है लेकिन बार-बार उपयोग से मासिक-चक्र खराब हो जाता है। हार्मोन चेंज हो जाते हैं। गर्भाशय के फटने या उसके खराब होने के चांसेस भी होते हैं। इनके साइड-इफेक्ट के तौर पर सबसे पहला असर होता है कि ये गोलियां शुरू के दो-तीन दिन तक मूंह का स्वाद कड़वा कर देती हैं। अगले पीरियड्स के दौरान अधिक खून बहता है। ये छोटे दुष्प्रभाव हैं जो आपको पहली गोली के बाद ही देखने को मिल जाएंगे। सो आप समझ सकती हैं कि इनका हमेशा लेना कितना नुकसानदायक है। साल में ज्यादा से ज्यादा तीन बार ही इन गोलियों का इस्तेमाल करें।

    साल में केवल तीन बार करें इस्तेमाल
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    10 फीसदी नहीं है कारगर

    जैसे कॉन्डम तीन प्रतिशत केस में कारगर नहीं होता है उसी तरह ये गोलियां 10 फीसदी केस में कारगर नहीं होती हैं। मतलब 10 में से 1 महिला इस तरह की गोली लेने के बाद भी गर्भवती हो सकती है। गर्भ ठहरना औऱ ना ठहरना, सब कुछ गोली लेने के समय पर निर्भर करता है। सुरक्षित मासिक चक्र के दिनों में या इन गोलियों को तुरंत लेने में इसकी सफलता के आसार बढ़ जाते हैं।

    10 फीसदी नहीं है कारगर
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