न्यूमोनिया को ठीक करने के 5 घरेलू उपचार, जानें

न्यूमोनिया फेफड़ों में असाधारण तौर पर सूजन आने के कारण होता है। इसमें फेफड़ों में पानी भी भर जाता है। आमतौर पर न्यूमोनिया कई कारणों से होता है जिनमें प्रमुख हैं बैक्टीरिया, वायरस, फंगी या अन्य कुछ परजीवी। इनके अलावा कुछ रसायनों और फेफड़ों पर लगी चोट के कारण भी न्यूमोनिया होता है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Dec 11, 2018

न्यूमोनिया

न्यूमोनिया
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न्यूमोनिया एक खतरनाक बीमारी है और अगर इससे तुरंत ना लड़ा जाए तो, यह फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को न्यूमोनिया है तो आप नीचे दिये गए कुछ आसान से घरेलू नुस्‍खों का प्रयोग कर सकते हैं। न्यूमोनिया फेफड़ों में असाधारण तौर पर सूजन आने के कारण होता है। इसमें फेफड़ों में पानी भी भर जाता है। आमतौर पर न्यूमोनिया कई कारणों से होता है जिनमें प्रमुख हैं बैक्टीरिया, वायरस, फंगी या अन्य कुछ परजीवी। इनके अलावा कुछ रसायनों और फेफड़ों पर लगी चोट के कारण भी न्यूमोनिया होता है।

लहसुन

लहसुन
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लहसुन कुदरती रूप से बैक्‍टीरिया से लड़ने की क्षमता रखता है। यह वायरस और फंगस से भी शरीर की रक्षा करता है। लहसुन में शरीर का तापमान कम करने और छाती व फेफड़ों में जमा बलगम को बाहर निकालने की क्षमता होती है।   कैसे करे उपयोग एक कप दूध में चार कप पानी डालें और इसमें आधा चम्‍मच पिसा हुआ लहसुन डाल दें। इसे तब तक उबालें जब तक मिश्रण का एक चौथाई न रह जाए। इस मिश्रण को दिन में तीन बार पियें। पिसे हुए लहसुन की कलियों में समान मात्रा में ताजा नींबू का रस और शहद मिला लें। दिन में तीन-चार बार, दो से तीन चम्‍मच इस मिश्रण का सेवन करें। छाती पर लहसुन का रस या पेस्‍ट मलने से भी आराम होता है। अदरक की चाय पीने से भी लाभ होता है। 

मेथी के बीज

मेथी के बीज
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मेथी के बीज म्‍यूको‍लिटिक गुण होते हैं, जो छाती में जमने वाली बलगम को पतला करने में मदद करते हैं। इसलिए मेथी का सेवन करने से बंद छाती खुल जाती है। मेथी के सेवन से पसीना आता है, जिससे बुखार कम होता है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं।  कैसे करें उपयोग दो कप पानी में एक चम्‍मच मेथी के दाने डालकर उनकी चाय बना लें। इस चाय को छानकर दिन में चार बार पियें। स्‍वाद में इजाफा करने के लिए इसमें नींबू का रस मिलाया जा सकता है। जैसे जैसे आपको अपनी सेहत में सुधार दिखने लगे आप इसकी मात्रा कम कर सकते हैं। एक कप पानी में मेथी के दाने, एक चम्‍मच अदरक का पेस्‍ट, एक लहसुन की कली पिसी हुई, और थोड़ी सी काली मिर्च डालकर पांच मिनट तक उबालें। इसे छान लें और फिर इसमें आधा चम्‍मच नींबू का रस डाल दें। आप चाहें तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं। दिन में तीन चार बार इसका सेवन कीजिये। आराम होगा।

सब्जियों का जूस पियें

सब्जियों का जूस पियें
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गाजर का ताजा जूस, पालक का रस, चकुंदर का जूस, खीरे का जूस और अन्‍य सब्जियों के जूस हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। और न्यूमोनिया के दौरान तो इनके लाभ और बढ़ जाते हैं। इनसे इम्‍यूनिटी बढ़ती है, कफ कम होता है और शरीर से विषैले पदार्थ कम हो जाते हैं। इनमें फास्‍फोरस की मात्रा अधिक होती है और साथ ही ये पचने में भी आसान होते हैं।  कैसे करें उपयोग पालक और गाजर के जूस को 2:3 में मिलाकर आधा लीटर जूस बना लें। रोज इसका सेवन करें। आप चाहें तो रोजाना एक कप चकुंदर के जूस का भी सेवन कर सकते हैं।

हल्‍दी

हल्‍दी
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हल्‍दी भी सांस की तकलीफ के लिए मददगार होती है। यह कफ को कम करती है। इसके साथ ही इसमें एंटीवायरल और एंटी बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।  कैसे करें उपयोग गुनगुने सरसों के तेल में हल्‍दी का पाउडर मिलायें और इससे अपनी छाती पर मसाज करें। दिन में दो तीन बार गर्म दूध में हल्‍दी पाउडर डालकर उसका सेवन करें। आधा चम्‍मच हल्‍दी और चौथाई चम्‍मच काली मिर्च पाउडर को एक गिलास गुनगुने पानी में मिला लें। दिन में एक बार इसका सेवन करें ।

तुलसी और काली मिर्च

तुलसी और काली मिर्च
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ये दोनों ही तत्‍व हमारे फेफड़ों के लिए फायदेमंद होते हैं। और ये कुदरती रूप से निमोनिया को दूर करने में मददगार है।  कैसे करें उपयोग तुलसी के पत्‍तों का रस लेकर उसमें ताजी पिसी काली मिर्च मिलाइये और हर छह घंटे बाद इसका सेवन कीजिये। इसके साथ ही खांसी की कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें। खांसी कई मायनों में आपके लिए फायदेमेंद हो सकती है क्‍योंकि यह शरीर से कफ को बाहर निकालती है।

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