उदासी भरे दिन को रोमांचक बनाने के लिए करें ये 5 काम

कभी-कभी बेवजह ही दिन उदास रहता है और उसका कारण समझ भी नहीं आता, लेकिन बेवजह की उदासी आए दिन सता रही है तो इन तरीकों से इसे रोमांचक बना सकते हैं।

Gayatree Verma
Written by:Gayatree Verma Published at: Sep 18, 2015

कुछ न कुछ तो करना है

कुछ न कुछ तो करना है
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कभी खराब मौसम की वजह से दिल उदास हो जाता है तो कभी कुछ काम न रहने के कारण। कभी-कभी छुट्टी वाले दिन जल्दी सोकर उठने पर कुछ न करने के लिए होता है तो मन उदास हो ही जाता है। लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। आए दिन दिल उदास हो रहा है तो कुछ तुफानी करने का समय आ गया है बॉस। कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा... तुफानी न सही तो बचपना तो कर ही सकते हैं।

नेट गेट सेट गो

नेट गेट सेट गो
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नेट किस दिन काम आएगा। सस्ता नेट ब्राउसिंग का कमरे में इंतजाम करिए और पूरे दिन को हैप्पेनिंग बना लीजिए। पढ़ने का मन करे तो पढ़ लीजिए, पिक्चर देखने का मन करे तो देख लीजिए... गाने लीजिए... कुछ नहीं तो फेसबुकिया लीजिए। एक बार करके तो देखिए पूरा दिन पलक झपकते ही गुजर जाएगा और अगला दिन या यूं कहें ऑफिस जाने का दिन सोमवार भी आ जाएगा। खैर सोमवार को ऑफिस जाने के कारण दुखी होते हैं तो कुछ नहीं कर सकते। इससे पूरी दुनिया दुखी है।

आजा नच ले... नच ले मेरी जान।।।

आजा नच ले... नच ले मेरी जान।।।
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लेडी गागा के शब्दों में- "जस्ट डांस"। कुछ करने की जरूरत नहीं है। केवल अपना फेवरेट गाना बजाइए। पैर खुद ब खुद थिरकने लगेंगे और फिर आप आधा दिन गुजरने के बाद भी कहेंगे- अभी तो पार्टी शुरू हुई है। डांस करने से आपके हफ्ते भर की थकान भी पूरी होगी, कैलोरी भी बर्न होगी और दिमाग भी फ्रेश हो जाएगा।

किचन की खबर भी ले लो

किचन की खबर भी ले लो
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क्यों न कुछ इन्वेंट किया जाए, ना...ना। फिजिक्स, केमेस्ट्री की बात नहीं हो रही है यहां। किचन मिस्ट्री की बात कर रहे हैं। किचन में जाइए, हथियार उठाइए और कुछ अच्छा बनाइए। अपने आप से कुछ अच्छा बनाना वो भी अपने लिए बहुत मुश्किल काम है। क्योंकि परिवार और दूसरों के लिए तो सब खाना बनाते हैं लेकिन अपने की बारी आती है तो ये सोच कर टाल देते हैं कि अपने लिए ही तो बनाना है। लेकिन आप ये मुश्किल काम कर सकते हैं। तो सोचिए मत करिए।

बचपन की यादें ताजा करो

बचपन की यादें ताजा करो
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इसका मतलब ये नहीं कि अपना बचपन का स्कूल देखने चले जाएं या कोई टीचर से मिलने चले जाएं। बच्चा बनिए, मतलब बचपन में जो करते थे वो करिए। पेंटिंग करिए, क्राफ्ट्स बनाइए, गुडिया को सजाइए और ये सब चीजें कर के कमरे के एक कोने में सजाकर रखिए। क्या पता बचपन का कोई शौक अधूरा रह गया हो?

अपनी डायरी पढ़िए या लीखिए

अपनी डायरी पढ़िए या लीखिए
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डायरी लिखने की आदत है तो आप जरूर डायरी मेंटेन किए हुए होंगे। सारी की सारी अभी तुरंत निकालिए और पढ़िए। पहली दोस्ती, पहली मार, पहला प्राइज, पहला क्रश, पहला प्यार... सारी यादें ताजा हो जाएंगी और उन यादों के समुद्र में गोते लगाते हुए पूरा दिन कहां गुजर जाएगा मालुम ही नहीं चलेगा। क्या डायरी नहीं मेंटेन किए हुए हैं? कोई नहीं आज से ही करिए। डायरी और पेन लीजिए और अपनी अब तक की सारी कहानी इसमें लिख दीजिए। अच्छा लगेगा। ट्राय करिए।

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