चश्‍मा पहनते वक्‍त इन 10 बातों का रखें ख्‍याल

आंखों को स्‍वस्‍थ रखने और आंखों की रोशनी कमजोर होने से बचाने के लिए चश्‍मे का प्रयोग जरूरी है, ऐसे में जब भी चश्‍मा लगायें कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखें, नहीं तो इसका बुरा असर आपकी आंखों पर पड़ सकता है।

Nachiketa Sharma
Written by: Nachiketa SharmaPublished at: Jun 03, 2015

स्‍टाइल के साथ आंखों की देखभाल

स्‍टाइल के साथ आंखों की देखभाल
1/11

अब वो जमाना गया जब लोग पॉवर ग्‍लास लगाने से कतराते थे, बल्कि अब वो जमाना आ गया है जिसमें पॉवर ग्‍लास को स्‍टाइल आइकन माना जाता है। इसके पीछे कम वजन और स्‍टाइलिश चश्‍मे हैं। अब तो बाजार में सिर्फ कांच के ग्‍लासेज नहीं मिलते बल्कि फाइबर और प्‍लास्टिक के कई विकल्‍प भी मौजूद हैं। ग्‍लासेज आंखों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ सूर्य की हानिकारक किरणों से भी बचाव करते हैं। फिर भी अगर आप चश्‍मा पहनते हैं तो कुछ बातों को ध्‍यान में रखना चाहिए। Image Source : Getty

ध्‍यान से चुनें फ्रेम

ध्‍यान से चुनें फ्रेम
2/11

चश्‍मा आकर्षक दिखे इसके लिए जरूरी है फ्रेम का चुना। फ्रेम चुनते वक्त ध्यान रखें कि वह इतना बड़ा न हो कि आपकी भौंहों के समानांतर हो, बहुत बड़े फ्रेम के चश्मों से बचें। चश्मे के फ्रेम का साइज आपके चेहरे के हिसाब से ही होना चाहिए। चश्‍मे के फ्रेम के लिए मेटल और प्‍लास्टिक दोनों का चुना कर सकते हैं। Image Source : Getty

चश्‍में का लेंस

चश्‍में का लेंस
3/11

फ्रेम के बाद लेंस की बारी आती है, क्‍योंकि फ्रेम कैसा भी हो लेकिन लेंस हमेशा सही होना चाहिए। यह कई तरह का होता है, जैसे - क्राउन ग्‍लास, प्‍ला‍स्टिक लेंस, ट्रिप्‍लेक्‍स लेंस, रेजिन लेंस या कांटैक्‍ट लेंस, कोटिंग लेंस आदि। साधारण चश्‍मे के लिए क्राउन ग्लास प्रयोग करें। प्लास्टिक लेंस की खासियत यह है कि यह हल्का होता है और आसानी से टूटता नहीं। ट्रिप्लेक्स लेंस हल्‍के होते हैं और रेजिन लेंस में खरोंच नहीं पड़ती। Image Source : Getty

किताब पढ़ते वक्‍त

किताब पढ़ते वक्‍त
4/11

अगर आपने चश्‍मा लगा रखा है और किताब पढ़ रहे हैं तो किताब पढ़ने के दौरान सीधे न लेटें। बैठकर पढ़ने की कोशिश कीजिए। और यह भी ध्‍यान रखें कि आपकी किताब आपसे 30 सेमी की दूरी पर हो। पढ़ाई के दौरान आंखों को आराम देने के लिए 10-20 मिनट का ब्रेक जरूर लें। Image Source : Getty

अल्‍ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव

अल्‍ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव
5/11

सूर्य की अल्‍ट्रा वॉयलेट किरणें और केमिकल आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए गॉगल्‍स का प्रयोग करें। इससे आंखों को नुसकान नहीं होता है। Image Source : Getty

कम रोशनी हो तो

कम रोशनी हो तो
6/11

अगर आप चश्‍मे का प्रयोग करते हैं तो रोशनी की उपलब्‍धता का भी ध्‍यान रखें। अगर आपके कमरे की रोशनी कम हो तो पढ़ने से बचें, इससे आंखों की रोशनी पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा गतिशील वस्‍तुओं (जैसे ट्रेन या गाड़ी) पर लिखे अक्षरों को न पढ़ें। Image Source : Getty

दूर से टीवी देखें

दूर से टीवी देखें
7/11

वैसे भी अधिक वक्‍त तक टीवी देखना आंखों के लिए ठीक नहीं माना जाता है। ऐसे में अगर आप चश्‍मा लगाते हैं तो टीवी की दूरी का ध्‍यान रखें। कम से कम 6-10 फिट के बीच की दूरी होनी चाहिए। Image Source : Getty

कंप्‍यूटर और लैपटॉप के साथ

कंप्‍यूटर और लैपटॉप के साथ
8/11

अगर आप कंप्‍यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर काम कर रहे हैं तो इससे खतरनाक नीली किरणें निकलती हैं। इससे बचने के लिए एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग ग्‍लास या एंटी-ग्‍लेयर ग्‍लास का प्रयोग करें। Image Source : Getty

ड्राइविंग के दौरान

ड्राइविंग के दौरान
9/11

ड्राइविंग के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए ग्‍लासेज का प्रयोग करने से पीछे न हटें। गाड़ी चलाते वक्‍त भी चश्‍मा लगायें। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि आपका चश्‍मा आपकी आंखों की सुरक्षा धूल और मिट्टी से भी करता हो। Image Source : Getty

ब्‍लड प्रेशर का ध्‍यान रखें

ब्‍लड प्रेशर का ध्‍यान रखें
10/11

आंखों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी होता है। इसलिए अगर आप चश्‍मा लगाते हैं तो ब्‍लड प्रेशर को सामान्‍य रखें और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ने न दें। Image Source : Getty

Disclaimer