आपकी आंखों को भी हो सकते हैं ये रोग

By:Anubha Tripathi, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 22, 2014
आंखों की सही देखभाल के लिए जरूरी है कि इन समस्याओं के बारे में जाना जाए। इससे आप अपनी आंखों की सही देखभाल आसानी से कर सकेंगे।
  • 1

    आंखों से जुड़ी समस्या

    अपनी आंखों की देखभाल की जिम्मेदारी हमारी ही है। बिना आंखों के हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। आजकल बदलती जीवनशैली के कारण लोगों की आंखों पर बहुत प्रभाव पड़ता है। लगातार कई घंटों तक कंप्यूटर पर काम करना, पौष्टिक आहार की कमी, धूल मिट्टी के संपंर्क में आने के कारण आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। आइए जानें आंखों से जुड़ी समस्याओं के बारे में जो आपको भी हो सकती है।

    आंखों से जुड़ी समस्या
    Loading...
  • 2

    धुधंला दिखना

    अगर आपको अपने आसपास वस्तुएं या लोग साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं तो यह एक गंभीर समस्या है। यह समस्या आंखों के लिए नुकसानदेह होने के साथ आपके मस्तिष्क, उच्च रक्तचाप  के लिए भी खतरनाक है। ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपंर्क करें और इसके कारणों के बारे में जानकर उचित उपचार लें।

     

    धुधंला दिखना
  • 3

    ड्राई आई सिंड्रोम


    ड्राई आई का मतलब वैसी आंख से है, जिसमें आंसू ग्रंथियां पर्याप्त आंसू का निर्माण नहीं कर पातीं। यह समस्या सर्दी के मौसम में ज्यादा होती है। यह बीमारी कनेक्टिव टिशू के डिसऑर्डर होने से होती है। समस्या अधिक होने की स्थिति में आंख की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और इसके परिणामस्वरूप अंधेपन की समस्या भी हो सकती है।

    ड्राई आई सिंड्रोम
  • 4

    कंप्यूटर विजन सिंड्रोम

    तेजी से बढ़ रही है यह तकलीफ और सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं बच्चे और युवा। कम रोशनी में पढ़ना और देर तक बिना ब्रेक के कंप्यूटर और लैपटॉप पर समय बिताने की आदतें इस समस्या के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। कंप्यूटर पर काम करते समय बीच में ब्रेक लेना बहु जरूरी है। इससे आंखों को आराम मिलता है। इसके अलावा कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार देखने की बजाय अपनी पलकों को झपकाते रहें।

    कंप्यूटर विजन सिंड्रोम
  • 5

    कंजक्टिवाइटिस

    कंजक्टिवाइटिस आंखों से जुड़ी सबसे आम बीमारी है, इसके दौरान आंखें सूज जाती हैं। इनमें बराबर दर्द बना रहता है और आंखों से पानी आता रहता है। आंखों की यह बीमारी बहुत तेजी से आसपास के लोगों तक पहुंच जाती है। एक दूसरे को छूने, आंखों में देखने से ही यह संक्रमण किसी दूसरे को हो सकता है।

    कंजक्टिवाइटिस
  • 6

    मोतियाबिंद

    आजकल मोतियाबिंद की समस्या बहुत आम हो गई है। ज्यादातर लोग इस समस्या से ग्रस्त होते हैं। मोतियाबिंद की समस्या गर्मियों में अक्सर लोगों को परेशान करता है। इसीलिए कहीं आप भी ऐसी किसी बीमारी की चपेट में आएं, इससे पहले ही आप अपना और आंखों का ख्याल रखें।

    मोतियाबिंद
  • 7

    तिरछा देखना

    भैंगापन कई बार जन्मजात या प्रसव के दौरान पड़े दबाव से हो जाता है। शुरुआती दौर में इससे भले ही कोई खास फर्क न पड़ता हो, लेकिन धीरे-धीरे ऐसे मामले में आंख कमजोर होती जाती है।

    तिरछा देखना
  • 8

    स्टाई

    आंखें की पलकों में पाए जाने वाले ग्लैंड में संक्रमण होने पर सूजन आ जाती है। इसी सूजन को आंख की फुंसी के रूप में जाना जाता है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। फिर भी जो लोग आंखों को रगड़ते हैं, जिनकी पलकों में रूसी हो या जिनकी नजर कमजोर हो, उन्हें ज्यादा तंग करती है। इसमें आंख में दर्द होना, पानी आना, चौंध लगना व पलकों पर सूजन आना सामान्य लक्षण हैं।

    स्टाई
  • 9

    आंखों में खुजली या चुभन

    आंखों में खुजली या फिर चुभन का सीधे रूप से डॉक्टरी पहलू यह होता है कि आंखें सूख जाती हैं, जिससे उनकी ल्यूब्रिकेट करने की क्षमता प्रभावित होती है। लेकिन यह समस्या पिंक आई स्टेन के कारक एडिनो 8 वायरस की वजह से भी हो सकती है, जिसमें केवल आंखों की प्यूटिरायड ग्रंन्थि ही नहीं, बल्कि ग्लूकोमा भी प्रभावित होता है।

    आंखों में खुजली या चुभन
  • 10

    लेजी आई सिंड्रोम

    लेजी आई सिंड्रोम के मुख्य कारणों में भेंगापन , दोनों आंखों के चश्मे की पावर में अंतर और दोनों आखों में चश्मे के नंबर के ज्यादा होने को शामिल किया जाता है। इसके अलावा कॉर्निया में निशान पड़ने से भी लेजी अई सिंड्रोम होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। लेजी आई सिंड्रोम का पता बच्चों की आंख की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के माध्यम से लगाया जा सकता है।

    लेजी आई सिंड्रोम
  • 11

    ग्लूकोमा

    ग्लूकोमा को काला मोतिया के नाम से भी जाना जाता है।  ज्यादातर लोगों को ग्लूकोमा और इसके लक्षणों के बारे में नहीं जानते हैं। इसके लक्षणों को तब तक पहचाना नहीं जाता जब तक कि उन्हें आंखों से कम नहीं दिखाई देने लगता। इसके शुरुआती लक्षणों में आंखों की तंत्रिकाओं की कोशिकाएं मामूली रूप से टूटने लगती हैं तो आंखों के सामने छोटे-छोटे बिंदु और रंगीन धब्बे दिखाई देते हैं।

    ग्लूकोमा
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK