दीवाने ढूंढ ही लेते हैं शॉपिंग के बहाने

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 07, 2015
बाजारीकरण ने लोगों की जरूरतों को एक नया आयाम दिया और खरीददारी को एक शौक बना दिया। और फिर पैदा हुए शॉपहोलिक। शॉपहोलिक, मतलब वो लोग जो खरीददारी जरूरत के लिये नहीं बल्कि लत पूरी करने के लिये करते हैं।
  • 1

    शॉपिंग के दीवानों के कमाल के बहाने

    इंसानो ने जंगलों से आकर गांवों में रहना शुरू किया, फिर शहर बनाएं और उनमें एक से बढ़ कर एक सुख सुविधा के साधान जुटाए। फिर हुआ बाजारीकरण, जिसने लोगों की जरूरतों को एक नया आयाम दिया और खरीददारी को एक शौक बना दिया। और फिर पैदा हुए शॉपहोलिक। शॉपहोलिक, मतलब वो लोग जो खरीददारी जरूरत के लिये नहीं बल्कि लत पूरी करने के लिये करते हैं। जब कभी वो अपनी इस लत पर काबू पाने की कोशिश करते हैं तो बाज़ार के नये पैंतरे (ऑनलाइन शॉपिंग ऑफर्स, सेल, ऑफर कॉल्स आदि) उन्हें दोबारा शॉपिंग के लिये मजबूर कर देते हैं। तो कुल मिलाकर शॉपिंग के दीवाने किसी न किसी तरह से ढूंढ ही लेते हैं शॉपिंग के बहाने। जैसे -   
    Images courtesy: © Getty Images

    शॉपिंग के दीवानों के कमाल के बहाने
    Loading...
  • 2

    मेरे पास अभी भी कपड़ों की कमी है!

    कहते हैं कि लत एक ऐसी चीज़ है जो कभी ख़तम नहीं होती या कहिये इसकी कोई संतुष्टि नहीं होती। शॉपहोलिक लोग काफी कुछ इसी फॉर्मुले पर आधारित होते हैं। बार-बार खरीददारी के लिये उनका सबसे आम बहाना होता है कि उनके पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े नहीं हैं। हालांकि उनकी कपड़ों की अलमारी में ऐसे कई कपड़े होते हैं, जिनका उन्होंने श्री गणेश भी नहीं किया होता है।
    Images courtesy: © Getty Images

    मेरे पास अभी भी कपड़ों की कमी है!
  • 3

    ड्रेस के मैचिंग के जूते चाहिये

    अव्वल तो शॉपहोलिक लोगों में ज्यादा से ज्यादा कपड़े खरीदने का शौक होता है, ऊपर से फिर उन्हें कपड़ों के साथ फुटवीयर की मैटिंग भी करानी होती है। और फिर शुरू हो जाती है खरीददारी। कभी ड्रेस के लिये मैचिंग के जूते खरीदे जाते हैं, तो कभी जूतों के मैचिंग की ड्रेस, या फिर दोनों। कुल मिलाकर शॉपिंग तो होनी ही है।   
    Images courtesy: © Getty Images

    ड्रेस के मैचिंग के जूते चाहिये
  • 4

    यह खास कपड़ो का मौसम है

    अरे बाहर कितनी ठंड होने लगी है, मुझे अभी से ही विंटर शॉपिंग कर लेनी चाहिए! स्टार्ट सीज़न सेल भी चल रही है। फिर भले ही अभी भी रात को एसी को 19 डिग्री पर रखना पड़ता हो, लेकिन शॉपिंग के लिये ठंड का बहाना भी बुरा नहीं। इस बार तो बूट्स
    Images courtesy: © Getty Images

    यह खास कपड़ो का मौसम है
  • 5

    "ये उस कमबख्त स्टोर वाली ने पकड़ा दिया"!

    शॉपहोलिक लोगों को अकसर अपनी जबबरदस्ती की शॉपिंग का ठीकरा सेल्स गर्ल/बॉय के सर फोड़ते नज़र आते हैं। जी हां काफी हद तक वे लोगों को अपने स्टोर से शॉपिंग के लिये प्रभावित तो करते हैं, लेकिन ऐसे शॉपहोलिक लोग उनका आसान लक्ष्य बनते हैं। क्योंकि वे पहले से ही वे शॉपिंग की लत में होते हैं। तो ये सिर्फ शॉपिंग का एक बहाना है।
    Images courtesy: © Getty Images

    "ये उस कमबख्त स्टोर वाली ने पकड़ा दिया"!
  • 6

    आज काम पर बहुत बुरा दिन था

    जहां तक शॉपहोलिक लोगों की बात हैं, तो उनके लिये यदि एक खराब दिन का कोई समाधान है तो वह है, 'शॉपिंग'। फिर भले ही किसी शॉपहोलिक को कितना ही मोटीवेशन क्लासेज दो, उन्हें शॉपिंग का टॉनिक लेना ही होता है। उनके लिये किसी मोटिवेटर की स्पीच से दुकान में सजी न्यू ड्रेस कहीं ज्यादा प्रभावशाली असर डालती है।
    Images courtesy: © Getty Images

    आज काम पर बहुत बुरा दिन था
  • 7

    मेरा दिल टूट गया है!

    अकसर लोगों को ब्रेकअप के बाद लगातर शॉपिंग मॉल्स में देखा जा सकता है। उनका ये मानना होता है कि शॉपिंग कर वे अपने दर्द को हल्का कर पाएंगे। लेकिन ये एक कोरी गलतफ़हमी है। क्योंकि इस समय आपका दिमाग ठीक से आपका साथ नहीं दे रहा होता है, तो शॉपिंग भी फिज़ूल की ज्यादा होती है।    
    Images courtesy: © Getty Images

    मेरा दिल टूट गया है!
  • 8

    कोई अपराध नहीं

    अब शॉपहोलिक होना केवल महिलाओं का विषय ही नहीं रहा। अब पुरुष और महिलाएं दोनों ही खरीददारी के आदी हो चुके हैं। टीवी पर विज्ञापन, 'समर सेल', 'दो के साथ तीन मुफ्त' जैसे सस्ती बिक्री के अवसर आज हर जगह प्रचलित हैं। लेकिन एक बार सोचियेगा कि ऐसे भी कई लोग हैं जो बेहद जरुरत का सामान ही खरीदते हैं और कई बार तो उन्हें खरीद पाने में भी असमर्थ होते हैं। हालांकि शॉपहोलिक होना कोई अपराध नहीं, बशर्ते आपको इसकी सीमा का पता हो।
    Images courtesy: © Getty Images

    कोई अपराध नहीं
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK