क्या वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद मिल सकती है कोविड संक्रमण से 100% सुरक्षा? जानें डॉक्टर की राय

कोविड वैक्सीन आपको कितनी सुरक्षा देती है और वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण का कितना खतरा होता है, डॉक्टर से जानें इन सवालों के जवाब।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 28, 2021
क्या वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद मिल सकती है कोविड संक्रमण से 100% सुरक्षा? जानें डॉक्टर की राय

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण (Coronavirus in India) को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान जारी है। 18 साल से ऊपर के सभी लोग बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन (Vaccination) करवा रहे हैं। हाल में ही वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केके अग्रवाल की मौत हो जाने के बाद एक अफवाह यह फैलनी शुरू हो गई कि कोविड वैक्सीन वायरस के संक्रमण से सुरक्षा नहीं दे पा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसे कुछ और मामले सामने आए हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है और ज्यादातर मामले कथित तौर पर ही रिपोर्ट किए गए हैं, यानी आधिकारिक आंकड़े नहीं है। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार ये कहा गया है कि जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं, उन्हें भी कोविड संबंधी सुरक्षात्मक नियमों जैसे- सोशल डिस्टेंसिंग, डबल मास्किंग आदि का पालन करना जरूरी है। ऐसे में केवल कुछ घटनाओं के आधार पर यह कहना बेमानी होगी कि कोविड वैक्सीन बेअसर है। इसी विषय पर और जानकारी के लिए ओनलीमायहेल्थ ने फ्लोरेस हॉस्पिटल, गाजियाबाद के सीनियर फिजिशियन डॉ. एम.के.सिंह (Dr. MK Singh, Senior Physician, Flores Hospital, Ghaziabad) से बात की। आइए बताते हैं कि उन्होंने क्या कहा-

डॉ. सिंह बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन शरीर में एंटीबॉडी बनाने का काम करती है और भविष्य में वायरस के हमले की आशंका होने पर शरीर को सुरक्षा दिलाने के लिए सचेत करती है। लेकिन कोई भी कोरोना वैक्सीन 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं है, ऐसे में वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी कुछ लोग संक्रमित हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग संक्रमित होने के बाद आसानी से घर पर ही ठीक हो जाते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है।

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दो-तीन हफ्ते में बनती है एंटीबॉडी

डॉ. सिंह के अनुसार कोरोना संक्रमण के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी तैयार करने के लिए वैक्सीन की दो डोज लगाई जा रही है। दूसरी डोज लेने के 2-3 हफ्ते बाद शरीर में एंटीबॉडी डेवलप होती है। इसके बाद व्यक्ति अगर संक्रमित हो भी जाता है, तो वह आसानी से ठीक हो सकता है। वैक्सीन लगाने के बाद व्यक्ति संक्रमित होता है, तो उसे अस्पताल, वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ती है। वैक्सीन से शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो जाती है, जिससे व्यक्ति कम प्रभावित होता है।

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वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण की गंभीरता कम

कोई भी वैक्सीन 100% सुरक्षा नहीं दे सकती है, ये वैज्ञानिक सत्य है। इसलिए कुछ लोगों के बॉडी का इम्यून सिस्टम इतना रिस्पॉन्स नहीं कर पाता है। जिसकी वजह से वे संक्रमित हो सकते हैं। लेकिन आपको वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए क्योंकि वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण की गंभीरता कम होती है और मृत्यु की आशंका कोविड संबंधी परिस्थितियों के कारण कम हो जाती है। इतना ही नहीं वैक्सीन लेने के बाद कई लोग अपने आप ही ठीक हो जाते हैं, उनमें इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं।

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वैक्सीन लगने के बाद भी सेफ्टी प्रोटोकॉल करें फॉलो (Follow Covid Safety Protocol)

डॉक्टर एम.के.सिंह कहते हैं कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद भी आप संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमित हो सकते हैं। साथ ही संक्रमित होने के बाद आप इसे कई दूसरे लोगों में भी फैला सकते हैं। ऐसे में आपको कोविड के सेफ्टी प्रोटोकॉल का ध्यान रखना जरूरी है। आपको वैक्सीन लेने के बाद भी मास्क पहनना है, दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखनी है और  अपने हाथों को बार-बार धोना है। इसके साथ ही आपको वैक्सीन लेने के कुछ समय बाद तक एल्कोहल, फास्ट फूड और शुगर लोडेड फूड के सेवन से भी बचना चाहिए। क्योंकि से आपकी इम्यूनिटी और वैक्सीन के असर को भी कम कर सकते हैं।

वैक्सीन लेने के बाद अगर आप किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो आपको कोरोना का संक्रमण हो सकता है। साथ ही आप उसे दूसरे लोगों तक भी फैला सकते हैं। लेकिन ऐसे में आप जल्दी रिकवर हो जाते हैं और गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ते हैं। वैक्सीन लेने के बाद अगर कोरोना संक्रमण होता है, तो व्यक्ति को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर आपको वैक्सीन लेने के बाद कोरोना के कोई लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   

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