गर्भावस्था के दौरान बार-बार अल्ट्रासाउंड कराना कितना सही? जानें बच्चे पर कैसे पड़ता है इसका प्रभाव

गर्भावस्‍था के दौरान अल्‍ट्रासाउंड कराने से बच्‍चे की सही स्थिति का पता लगने के साथ इसके कई अन्‍य फायदे भी हैं, जानिए उन फायदों और नुकसान के बारे में।

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Feb 11, 2020 12:48 IST
गर्भावस्था के दौरान बार-बार अल्ट्रासाउंड कराना कितना सही? जानें बच्चे पर कैसे पड़ता है इसका प्रभाव

गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं को अल्ट्रासाउंड (ultrasound) कराने की जरूरत होती है। ये कई मायनों में महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए काफी अहम होता है। इस टेस्ट की मदद से डॉक्टर बच्चे के स्वास्थ्य और बच्चे की मूवमेंट पर नजर रख पाते हैं, जो कि शुरूआती महीनों से लेकर डिलीवरी तक के लिए जरूरी होता है।

अल्ट्रासाउंड (ultrasound) एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें गर्भवती महिला के ध्वनि तरंगों के जरिए बच्चे की तस्वीर सामने आती है। इसमें बच्चा गर्भ में कितना मूवमेंट कर रहा है ये भी दिखाई देता है। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड से इस बारे में भी पता चलता है कि बच्चा कितना और कैसे विकसित कर रहा है। अक्सर लोग भी यानी जो होने वाले बच्चे के माता-पिता होते हैं वो भी अल्ट्रासाउंड (ultrasound) में अपने बच्चे की पहली झलक पाने के लिए बहुत ही खुश रहते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे अल्ट्रासाउंड किया जाता है और बार-बार इसे कराने से क्या नुकसान हो सकता है। 

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कैसे होता है अल्ट्रासाउंड? 

अक्सर जब कोई भी महिला गर्भवती होती है तो इसकी पुष्टि अल्ट्रासाउंड(ultrasound) से ही होती है। ऐसे में सभी डॉक्टर पहले ही ये सलाह देते हैं कि आप सबसे पहले अल्ट्रासाउंड कराएं जिससे गर्भ की स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके बाद जब आप अल्ट्रासाउंड कराने जाते हैं तो इससे गर्भ ऊपर की ओर आ जाता है जिससे सोनोग्राफर (sonographer) शिशु की बेहतर तरीके से देख पाता है। इसके लिए सोनोग्राफर आपके पेट पर थोड़ा जैल लगाते हैं, इसके बाद एक छोटा सा कैमरे की मदद से शिशु की तस्वीर दिखाई देती है।  

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वहीं, दूसरी ओर अगर गर्भ में शिशु अंदर है या गर्भवती का वजन अधिक है, तो इसके लिए योनि का स्कैन भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए एक संकरा और लंबा उपकरण इस्तेमाल किया जाता है, जो आसानी से योनि में चला जाता है। आपको बता दें कि ये स्कैन खासकर प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में शिशु की ज्यादा साफ तस्वीर देता है।  

क्यों होता है अल्ट्रासाउंड? 

  • गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति जांचने के लिए। 
  • गर्भ में कितने बच्चे हैं। 
  • अल्ट्रासाउंड से बच्चे के जन्म की लगभग तारीख का अंदाजा लगाया जा सकता है। 
  • बच्चे के पूरे शरीर की जांच की जाती है। 
  • बच्चे के वजन का पता चल पाता है। 
  • अल्ट्रासाउंड की मदद से बच्चा लड़का है या लड़की इसका भी पता लगाया जा सकता है। 

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क्या बार-बार अल्ट्रासाउंड कराने से नुकसान होता है? 

  • वैसे तो अक्सर डॉक्टर जरूरत पर ही अल्ट्रासाउंड(ultrasound) कराने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही अल्ट्रासाउंड की जांच करा लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अल्ट्रासाउंड के कुछ नुकसान भी होते हैं जो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए सही नहीं होता। 
  • बार-बार अल्ट्रासाउंड करवाने से उससे निकलने वाली रेडियोएक्टिव किरणों से बच्चे के दिमाग पर नकारात्मक असर पड़ता है।
  • बार-बार अल्ट्रासाउंड करवाने से बच्चे के कोशिकाओं के विकास पर प्रभाव पड़ता है। 
  • लगातार अल्ट्रासाउंड करवाने से डीएनए सेल्स को काफी नुकसान पहुंचता है। 
  • इसके अलावा अल्ट्रासाउंड से निकलने वाली किरणों के कारण बच्चे के वजन भी इसका गलत प्रभाव पड़ता है। इससे बच्चा कमजोर हो सकता है। 

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