घर पर प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट किट के जरिए आसानी से कर सकते हैं परीक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 20, 2013
Quick Bites

  • मासिक धर्म बंद होने के बाद टेस्‍ट करने से परिणाम सकारात्‍मक आता है।
  • प्रेग्‍नेंट होने के बाद रक्‍तसंचार तेज होता है और पेशाब करने में दिक्‍कत होती है।
  • सुबह कमजोरी का एहसास होना और जी मिचलाना भी प्रेग्‍नेंसी का लक्षण है।
  • स्तनों के एरोलस भी डार्क हो जाते है, ऐसी स्थिति में कर सकते हैं प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट।

गर्भवती होने का एहसास महिला को रोमांचित करता है, हर महिला की इच्‍छा मां बनने की होती है। यदि आपको भी लगता है कि आप प्रेग्‍नेंट हैं तो आसानी से घर पर ही गर्भावस्‍था की जांच प्रेग्‍नेंसी डिटेक्‍शन किट के जरिए कर सकती हैं।

ghar par garbhavastha parikshan ka sahi samayलेकिन प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट के लिए सही समय की जानकारी होना बहुत जरूरी है, यदि आपका टेस्‍ट निगेटिव भी आये तो घबराने की जरूरत नही है। पीरियड्स न आना गर्भवती होने का पहला लक्षण है। इसके अलावा अन्‍य लक्षण भी हैं जो गर्भवती होने की पुष्टि करते हैं।

घर पर गर्भावस्‍था परीक्षण का परिणाम 99 प्रतिशत सही होता है। गर्भावस्‍था जांच के लिए प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट किट अच्‍छी गुणवत्‍ता वाली होनी चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं कि प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट करने का सही समय क्‍या है।

 

प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट का सही समय

 

पीरियड्स का न आना 

यदि आपके पीरियड रेगुलर हों और समय पर मासिक धर्म न आये तो उसके अगले दिन गर्भावस्‍था का परीक्षण कीजिए। पीरियड्स का रुकना ही गर्भावस्‍था का पहला लक्षण है। मासिक धर्म बंद होने के बाद टेस्‍ट करने के बाद टेस्‍ट पॉजिटिव आने की संभावना ज्‍यादा होती है।


स्‍तनों में बदलाव

प्रेग्‍नेंट होने के बाद स्तन ज्‍यादा संवेदनशील हो जाते हैं। इसे भी गर्भावस्‍था का संकेत माना जा सकता है। गर्भवती होने के बाद स्‍तनों में दर्द होने लगता है। हालांकि यह दर्द माहवारी से पहले भी होता है, लेकिन यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान अधिक होती है।

मूत्र में दिक्‍कत

प्रेग्‍नेंट होने के बाद ब्‍लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है जिसके कारण गुर्दे की गतिविधियों में वृद्धि हो जाती है। इस वजह से पेशाब बार-बार लगता है। रात में या लेटने के दौरान बार-बार मूत्र त्यागने की इच्छा होती है। गर्भवती महिलाओं का गर्भाशय, मूत्राशय पर दबाव डालता है, जिससे यूरीन की आवृत्ति बढ़ जाती है।

 

सुबह कमजोरी का एहसास

प्रेग्‍नेंट होने क बाद मार्निंग सिकनेस हो जाती है। अगर आपको सुबह-सुबह कमजोरी का एहसास हो रहा है और साथ ही जी भी मिचला रहा है इसका मतलब आप प्रेग्‍नेंट हैं। ऐसे लक्षण अगर आपको दिखें तो प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट कीजिए।

डार्क एरोलस

गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन और प्रीजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे पिगमन्टेंशन हो जाते है। यह परिवर्तन गर्भावस्था के दौरान रक्त परिसंचरण वृद्धि के कारण होता है, इससे स्तनों के एरोलस भी डार्क हो जाते है। ऐसी स्थिति होने पर आप प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट कर सकते हैं।

 

सिर में दर्द होना

गर्भावस्था के दौरान सिरदर्द बहुत आम है और यह गर्भाधारण करने के साथ ही शुरू हो जाता है। हार्मोंस के निरंतर बदलाव के कारण तनाव होने लगता है जिससे कुछ महिलाओं को सिर दर्द की शिकायत होने लगती है। अगर आपके सिर में दर्द हो तो प्रेग्‍नेंसी डिटेक्‍शन किट से घर पर जांच करें।


गर्भावस्‍था का परीक्षण सुबह-सुबह कीजिए, इससे प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट पॉ‍जिटिव होने की संभावना ज्‍यादा होती है। प्रेग्‍नेंसी डिटेक्‍शन किट एक स्ट्रिप होती है जिसमें यूरीन का सैंपल डाला जाता है। यदि घर पर प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट सही निकला है तो एक बार चिकित्‍सक से सलाह अवश्‍य लीजिए।

 

 

Read More Articles on Pregnancy in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES74 Votes 20255 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK