हाई ब्‍लड प्रेशर और माइग्रेन हैं गर्भावस्‍था के दैरान होने वाली प्रमुख समस्‍यायें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 11, 2013
Quick Bites

  • गर्भावस्था में दौरा होने से भ्रूण को हानि पहुंच सकती है। 
  • गर्भधारण पूर्व भी होती है देखभाल और जांच की जरूरत।
  • एच आई वी की समय पर जांच है बहुत ही महत्वपूर्ण।
  • प्रेग्‍नेंसी में कोई समस्‍या हो तो संपर्क करें चिकित्‍सक से।

 

 

गर्भावस्था से जुडी जटिलताएं गर्भावस्था के दौरान विकसित होती हैं। इनके कारण होने वाले बच्चे और उसकी मां दोनो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अनेक महिलाओं में गर्भधारण करने से पहले सेहत संबधी समस्याएं होती हैं, जो गर्भावस्था में उन्हें गर्भावस्था से जुडी जटिलताओं की तरफ ले जा सकती हैं।

Problems During Pregnancyगर्भधारण से पहले अपने चिकित्सक को अपनी वर्तमान और अतीत की स्वास्थ्य से जुडी समस्याओं के बारे में ज़रूर अवगत कराएं। अगर आप सेहत संबधी किसी समस्या इलाज करा रहीं हैं तो हो सकता है कि आपका चिकित्सक उसमे फेरबदल करने की सलाह दे क्योंकि कुछ औषधियां ऐसी होती हैं जो गर्भावस्था में आपके लिए नयी समस्याएं खड़ी कर सकती हैं। लेकिन आप हर दवाई बंद नहीं कर सकतीं क्योंकि कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जिनके बंद करने से आपको एवं आपकी सेहत को बहुत नुकसान पहुँच सकता है। आइए हम आपको गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली समस्‍याअों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

प्रेग्‍नेंसी और अन्‍य बीमारियां

 

अस्थमा

अस्थमा से भ्रूण के वज़न में कमी, समय से पूर्व प्रसव, और सिजेरियन द्वारा बच्चे का जन्म और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। गर्भ धारण करने से पहले उदासी और विषाद से ग्रसित होना, मतलब कि यह अवस्था प्रसव के बाद भी जारी रह सकती है। गर्भावस्था में रक्त में उच्च मात्रा में शर्करा के होने से भ्रूण को हानि पहुंच सकती है और महिला की दीर्घकाल से चलती आ रही मधुमेह की बीमारी को और गंभीर बना सकती है।

 

मिर्गी का दौरा

गर्भावस्था में दौरा होने से भ्रूण को हानि पहुंच सकता है। इससे गर्भपात या मृत बच्चे के पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। मिर्गी रोग से ग्रसित कई महिलाओं को औषधियों का प्रयोग करने से खतरा कम हो जाता है, न कि औषधियां प्रयोग न करने से।

 

उच्च रक्तचाप

हाई ब्‍ल्‍ड प्रेशर मां और उसके पेट में पल रहे बच्चे को गंभीर समस्याओं का शिकार बना सकता है। इससे समय से पूर्व बच्चे का जन्म और जन्म के समय बच्चे का वजन आवश्यकता से कम होने का खतरा बनता है।

 

एच आई वी

एच आई वी मां से बच्चे में गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के समय स्थानांतरित होने का खतरा होता है। पर यह खतरा टल सकता है अगर एच आई वी से ग्रसित गर्भवती महिला एच आई वी के उपचार के लिए दवाओं का प्रयोग करती है।

 

माइग्रेन 

आधे सिर का दर्द. गर्भावस्था के दौरान माइग्रेन के लक्षण कम हो जाते हैं। पर सिर दर्द के उपचार के लिए जो औषधियां सामान्य अवस्था में प्रयोग की जाती हैं, वे गर्भावस्था में प्रयोग नहीं करनी चाहियें।

 

मोटापा

हाल ही के अध्ययनों से पता चला है कि महिला जितनी अधिक स्थूल होगी, गर्भावस्था में उसके लिए उतनी ही समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं, जिसमे समय से पूर्व बच्चे के जन्म का खतरा अधिक रहता है।

 

इसका भी ध्‍यान रखें

गर्भावस्था में किसी भी समस्या के संकेत से तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें। कभी कभी शारीरिक बदलाव भी समस्या का संकेत हो सकते हैं। नीचे दिए गए हैं कुछ संकेत जिनके होते ही अपने चिकित्सक से सलाह लें:

  • योनी से तरल पदार्थ या रक्त का स्राव होना।
  • हाथों, चेहरे, उँगलियों में आकस्मिक सूजन।
  • गंभीर और दीर्घकालिक सर दर्द होना।
  • उदर के नीचले भाग में पीड़ा, मरोड़ या बेचैनी।
  • सर्दी या बुखार का होना।
  • अनवरत रूप से उल्टियां या मतली होना।
  • पेशाब करते समय पीड़ा या जलन।
  • नज़र का धुंधला होना।
  • चक्कर आना।

 

 

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