उपवास किसके लिए हानिकारक हो सकता है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 23, 2012

ज्यादातर लोग व्रत करना चाहते है क्योंकि पूरी दुनिया में मोटापे ने एक महामारी का रूप ले लिया है। ऐसे लोग समय-समय पर व्रत करने को बहुत ही लाभदायक मानते हैं और बाकी के अन्य दिनों में वे स्वास्थ्य आहार लेते हैं । कुछ दशाए ऐसी होती हैं जिनमे की व्रत करना लाभदायक नहीं होता है। लेकिन कुछ ऐसी स्‍वास्‍थ्‍य स्‍थितियां हैं, जिनमें व्रत हानिकारक भी हो सकता है।


लोग जिन्हें व्रत नहीं करना चाहिए 

  • जल्दी थकने वाले लोग
  • भूख न लगाने की बिमारी से ग्रस्त लोग
  • वो लोग जो की गंभीर रुधिर क्षीणता से ग्रस्त हो 
  • दूध पिलाने वाली माए 
  • वो लोग जिन्हें व्रत करने से अत्याधिक डर लगता है

 

ऐसे लोगों के लिए अच्‍छा होगा कि वो व्रत ना रहें और अगर वो व्रत रखना ही चाहते हैं, तो उन्‍हें आपने खान-पान पर विशेष ध्‍यान देना होगा। वो लोग जो की अनुवांशिक वसा अम्ल की कमी से ग्रस्त हैं उनमे गंभीर समस्‍याएं भी हो सकती हैं जैसे हाय्पोग्लाय्सेमिया और अन्य रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।


पोर्फाय्रा से ग्रस्‍त लोग व्रत कर सकते हैं। यह खराब अपापचय की वजह से होने वाला एक अनुवांशिक रोग है जिसमे की शरीर के द्वारा पोर्फाय्रिन नहीं बनाए जा सकते अहिं ।पोर्फायरिन रसायन ऐसे हैं जो की शरीर में लोहे से मिलकर रक्त बनाते हैं ।ये शरीर में इलेक्ट्रोन तंत्र को भी  नियंत्रित करते अहिं और ये उन्हें जमा कर लेते हीं और माय्तोकोंद्रिया में उन्हें ऊर्जा निकालते अहिं ।यकृत का सही से काम न करना , अस्थी मज्जा का सही से काम न करना , लाल रुधिर कोशिका के रोग भी पोर्फायरिया हो सकता है जिसमे आपमें तरह तरह के लक्षण आ सकते अहिं जैसे की जब्ती या दौरे पडना ।



शरीर में कई तरह के नाटकीय बदलाव होते अहिं विशेषकर अगर कोई सिर्फ पानी के ऊपर जीना चाहे
क्योंकि शरीर को ऊर्जा के एक स्रोत से दूसरे स्रोत पर जाना होता है तो इसलिए बदलाव आना ज़रूरी होता है ।ज्यादातर ऊर्जा जो की हम प्रयोग करते अहिं वह ग्ल्युकोस से आता है जो की एक प्रकार की शकरा है और इसे शरीर खाने से शोषित करता है ।यकृत इस खाने के एक हिस्से को ग्लाय्कोजन में बदल देता है जिससे खाने के बीच में  ऊर्जा निकाली जाती है ।प्राय यह ८ से १२ घंटे के लिए उपलब्ध होता है और २४ घंटे के अंदर पूरी तरह से उपयोग हो जाता है ।इसके बाद शरीर कीटोसिस की तरफ जाने लगता है जिसका मतलब होता है की ऊर्जा के लिए शरीर वसा का उपयोग करने लगता है और ऊर्जा के साथ साथ शरीर में ग्लाय्कोजन को भी बनाने लगता है ।

Loading...
Is it Helpful Article?YES4 Votes 11428 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK