कोविड-19 के कारण बच्चों के टीका करण में देरी बन सकता है बीमारियों का कारण, पढ़ें एक्‍सपर्ट की सलाह

समय से बच्चों का टीकाकरण ना होने से उनके स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। जानिए कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।

सम्‍पादकीय विभाग
बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: May 24, 2020Updated at: May 29, 2020
कोविड-19 के कारण बच्चों के टीका करण में देरी बन सकता है बीमारियों का कारण, पढ़ें एक्‍सपर्ट की सलाह

कोरोनावायरस महामारी के दौरान दुनिया भर में अभिभावक अपने बच्चों के नियमित टीका करण के लिए बाल रोग विशेषज्ञों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि महामारी के चलते पूरी दुनिया थम गई है, लेकिन बच्चों के लिए टीका करण बेहद ज़रूरी है क्योंकि टीका करण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि टीका करण एक ज़रूरी स्वास्थ्य सेवा है, जिस पर कोविड-19 महामारी का असर पड़ सकता है। लेकिन कम समय के लिए भी टीका करण में रूकावट आने से बच्चों में टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियां जैसे मीज़ल्स की संभावना बढ़ सकती है। 

कोविड-19 की स्थिति हर दिन बदल रही है, डॉक्टर अपनी सेवाओं और इलाज के तरीके बदल रहे हैं। इस महामारी ने हमें बता दिया है कि वैक्सीन (Vaccine) कितनी महत्वपूर्ण है। बिना वैक्सीन के बीमारी तेज़ी से फैल सकती है और इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उदाहरण के लिए मीज़ल्स (Measles) एवं कई अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए हमें अपने बच्चों के समय पर टीका करण द्वारा उन्हें इन बीमारियों से बचाना है।

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नवजात और बच्चों को दिए जाने वाले ज़रूरी टीके/वैक्सीन

  • मीज़ल्स एवं रूबेला वैक्सीन (Measles)
  • हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A)
  • हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)
  • पोलियो वैक्सीन (Polio Vaccine)
  • टीडीएपी वैक्सीन (TDAP Vaccine)
  • न्यूमोकोकस एवं हीमोफिलस इन्फ्लूएंज़ा (Pneumococcus and Haemophilus influenzae)
  • मंम्प्स (Mumps)
  • रोटावायरस(Rotavirus)

रोकथाम का जोखिम 

बूस्टर वैक्सीन में देरी करना बच्चों के लिए गंभीर हो सकता है, उनके विकास में भी रूकावट पैदा कर सकता है। समस्या की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि वैक्सीन में कितनी देरी की जाती है, बच्चा स्कूल या डे केयर लौटने से पहले एक या दो- कितनी डोज़ मिस करता है। यूएस के बच्चों में वैक्सीन छूटने के कारण मीज़ल्स का अटैक इसका अच्छा उदाहरण है। देश में महामारी फैलने के वजह से बहुत से बच्चों की वैक्सीन चूक गई। अप्रैल 2019 में सेंटर फॉर डिज़ीज़ एंड प्रीवेंशन ने यूएस में 2000 के बाद से मीज़ल्स के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जहां घरेलू रूप से यह बीमारी खत्म हो चुकी थी।  

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वैक्सीनेशन कैलेंडर क्यों है जरूरी

  • वैक्सीन के लिए निर्धारित कैंलेंडर का पालन करना क्यों ज़रूरी है आइये जानते हैं।
  • वैक्सीन कैलेंडर का महत्व 
  • कभी कभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए कई वैक्सीनों को लेकर परेशान रहते हैं, खासतौर पर 2,4 या 6 माह के विज़िट पर।
  • यह न केवल सुरक्षित है, बल्कि जब माता- पिता इस कैंलेंडर का पालन करते हैं तो बच्चा लम्बे समय तक सुरक्षित रहता है।
  • माता पिता वैक्सीन के साइड इफेक्ट एवं अन्य जोखिम के बारे में भी चिंतित रहते हैं।
  • कई बार सोशल मीडिया से मिली गलत जानकारी उन्हें परेशान करती है। 
  • लेकिन बीमारी का जोखिम, वैक्सीन के जोखिम से हमेशा अधिक होता है। यह सामान्य है कि माता-पिता अपने बच्चों के इलाज और वैक्सीन के बारे में जानकारी पाएं। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि वे विशेषज्ञ डाॅक्टर और भरोसेमंद स्रोतों से सिर्फ सही जानकारी ही प्राप्त करें। 

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वैक्सीन के लिए तय समय सूची

  • बाल रोग विशेषज्ञ यह कैलेंडर इस तरह बनाते हैं कि बच्चे को अधिकतम सुरक्षा मिले।
  • वैक्सीन का समय इस तरह तय किया जाता है कि इसका सबसे अच्छा प्रभाव हो।
  • अगर माता-पिता इस कैंलेंडर का पालन नहीं करते तो उनके बच्चे सुरक्षित नहीं रहते। 
  • इसलिए ज़रूरी है कि नवजात शिशु और बच्चों के लिए वैक्सीन कैलेंडर का पालन किया जाए।

इनपुट्स: डॉक्‍टर रमानी रंजन, कन्सलटेन्ट पीडिएट्रिक्स एंड नियोनेटोलोजिस्ट, मदरहुड हॉस्पिटल, नोएडा 

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