ड्रग्स से अल्जाइमर का निदान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 18, 2012

drugs se alzheimer ka nidaan

फ्लोरबीटाबेन (florbetaben) ड्रग से बीटा एमीलॉयड का निदान किया जाता है। जो कि अल्जाइमर की शुरूआती अवस्था के लक्षण बताता है। हाल ही में आई एक रिसर्च के मुताबिक, इस ड्रग के जरिए बीटा एमीलॉयड प्रोटीन का पता लगाया जा सकता है। जो कि अल्जाइमर रोग के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमीविड एक अन्य ड्रग है जिससे अल्जाइमर रोग का निदान संभव है। जो कि एक रेडियोएक्टिव ड्रग है और हाल ही में अल्जा‍इमर की पहचान के लिए एफडीए द्वारा अनुमोदित (approved) किया गया है।



बैनर सन रिसर्च इंस्टीट्यूट इन सन सिटी (एरिज) के निर्देशक, एमडी मारवान सबबाग के मुताबिक, फ्लोरबीटाबेन (florbetaben) इंजेक्ट करने के बाद एमीलॉयड के पीस दिमाग में अल्जाइमर रोग के कणों को उजागर कर देते हैं जिससे दिमाग के स्कैन के दौरान अल्जाइमर का निदान हो जाता है। इसे पेट स्कैन यानी पोजीट्रान ईमिशन टोमोग्राफी (positron emission tomography (PET)) के नाम से जाना जाता है। शोध के मुताबिक, यदि बीटा एमीलॉयड प्रोटीन का पता लगाया जाए तो मरीजों में अल्जाइमर रोग को विकसित होने से रोका जा सकता है।



तीसरे चरण में परीक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने एक तुलनात्मक अध्ययन किया, जिसमें पेट स्कैन में फ्लोरबीटाबेन का प्रयोग किया गया। इस शोध में 31 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिनके ब्रेन सेल्स मरे नहीं थे। इसके अलावा 186 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिनके ब्रेन सेल्स डेड हो चुके थे, साथ ही 60 ऐसे लोगों को शामिल किया जिनके ब्रेन सेल्स हेल्दी थे। सभी लोगों के ब्रेन सेल्स का अलग-अलग रूपों में परीक्षण किया गया।



फ्लोरबीटाबेन कुछ अन्य ड्रग्स की तरह है, जो कि अल्जाइमर की पहचान के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसीलिए मेडीकल एक्सपर्ट अल्जाइमर के निदान के लिए फ्लोरबीटाबेन का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि,स्कैन के जरिए मस्तिष्क में एमीलॉयड प्लेक की पहचान की जाती है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति अल्जाइमर से पीडि़त है। शोधों में यह पाया गया है कि यह सही है कि अल्जाइमर मरीजों में एमीलॉयड प्लेक होता है लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि प्लेक के होने से अल्जाइमर रोग मान लिया जाए।



विशेषज्ञों के मुताबिक, रिसर्च में ऐसे और ड्रग्स की खोज की जाएगी जिससे जल्दी ही अल्जाइमर बीमारी का पता लगाया जा सकें। शोधकर्ताओं ने कई ऐसे कारणों पर भी प्रकाश डाला है जिनसे कुछ ड्रग्स प्रयोगात्मक दृष्टि से फेल हो गईं।
न्यू ऑरलियन्स में अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की वार्षिक बैठक में 21 अप्रैल से 28 अप्रैल, 2012 को इस अनुसंधान पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

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