प्रेग्नेंसी में डाइटिंग करना हो सकता है मां और बच्‍चे दोनों के लिए नुकसानदेह

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 26, 2013
Quick Bites

  • डाइटिंग से गर्भवती महिला के शरीर में पौष्टिक तत्व पूरी तरह से नहीं पहुंच पाते।
  • बच्चे में पौष्टिक तत्वों की कमी हो सकती है प्रेगनेंसी में डाइटिंग करने से। 
  • बच्चे के मा‍नसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास रूकने का भी खतरा। 
  • गर्भावस्था के दौरान डायटिंग से बच्चों का आई क्यू लेवल कम हो सकता है।

महिलाएं हमेशा से ही अपनी फिगर को लेकर चिंतित रहती है। फिर चाहे उन्हें अपना फिगर बनाये रखने के लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े। महिलाएं वजन घटाने के लिए हर वो फंडा अपनाने को तैयार रहती हैं जो उनके वजन को जल्द से जल्द कम कर दें। लेकिन कुछ महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान भी इन फंडो को अपनाने से नहीं चूकती।

dieting during pregnancy

 

लेकिन क्या आप जानती हैं प्रेंग्नेंसी में डाइटिंग मतलब बीमारियों को बढ़ावा देना। प्रेंग्नेंसी में यदि आप वजन घटाना चाहती हैं तो डाइटिंग बिलकुल न करें। आइए जानें आखिर प्रेग्नेंसी में डाइटिंग करने के क्या नुकसान हैं।

 

 

पौष्टिक तत्वों की कमी    

डाइटिंग के चलते गर्भवती महिलाएं न सिर्फ अपना जीवन खतरे में डालती हैं बल्कि इससे बच्चे में भी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं। डाइटिंग करने से गर्भवती महिला के शरीर में पौष्टिक तत्व पूरी तरह से नहीं पहुंच पाते। जिससे भ्रूण में पल रहें बच्चे के दिमाग के सेल्स प्रभावित हो सकते हैं।


आई क्यू लेवल पर असर

शोधों में भी ये बात साफ हो चुकी है कि गर्भावस्था के दौरान खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी डायटिंग करती हैं, उनके बच्चों का आई क्यू लेवल कम हो सकता है।


व्यवहार संबंधी समस्याएं    

डाइटिंग के चलते होने वाले बच्चे में पौष्टिक तत्वों और कैलोरीज की कमी के कारण बच्चे का दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। जिससे बच्चे में व्यवहार संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।


मानसिक और शारीरिक विकास पर असर

हर महिला को गर्भावस्था के दौरान जितना संभव हो सके पौष्टिक आहार लेने चाहिए और वजन कम करने के लिए डाइटिंग का सहारा बिलकुल नहीं लेना चाहिए। डाइटिंग करने से बच्चे के मा‍नसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास रूकने का खतरा भी रहता है और बच्चे आम बच्चों से ज्यादा बीमार रहते है।


बच्‍चे में कामजोरी

होने वाले बच्चे की हेल्‍थ मां की हेल्थ से काफी प्रभावित होती है। यदि गर्भवती महिलाएं डाइटिंग करेंगी तो कमजोरी होने से उनके बीमार होने की संभावना भी बढ़ जाती है है। इसीलिए डाइटिंग से बचते हुए मां को अपने खान-पान पर खास ध्यान देना चाहिए और नशीले पदार्थों से बचना चाहिए।


बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रभाव

प्रेग्नेंसी का समय हर महिला के लिए खास होता है, ऐसे में उन्हें न सिर्फ अपनी देखभाल करने की जरूरत है बल्कि उन्हें अपने होने वाले बच्चे का ख्याल भी रखना चाहिए। यानी उन्हें अपने होने वाले बच्चे के लिए डाइट लेनी हैं। ऐसे में डाइटिंग से दोनों की हेल्थ प्रभावित हो सकती है।



प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को फिट और परफेक्ट रहने के लिए टेंशन फ्री रहना जरूरी है और डॉक्टर की सलाह पर अपने खान-पान में पौष्टिक आहार को शामिल करना चाहिए।

 

 

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