रक्त में ऑक्सीजन की कमी के पीछे कारण हो सकता है मानसिक स्ट्रेस, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

शारीरिक तनाव ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित किया है, जिसके कारण भी लोगों के ब्लड में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। 

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Apr 22, 2021Updated at: Apr 22, 2021
रक्त में ऑक्सीजन की कमी के पीछे कारण हो सकता है मानसिक स्ट्रेस, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अगर कोविड-19 (Coronavirus) की खतरनाक जटिलताओं की बात करें तो ब्लड में ऑक्सीजन की कमी भी इनमें से एक है। महामारी से बचाव के लिए व्यक्ति को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। हालात इतने खराब हैं कि जहां लोग भारी संख्या में इस महामारी के शिकार हो रहे हैं वहीं उन लोगों को जरूरी सुविधाएं, हॉस्पिटल में बैड, सही इलाज आदि नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण स्थिति और भी गंभीर हो रही है। ऐसे में खुद को इस समस्या के लिए तैयार करना जरूरी है। इस महामारी ने लोगों को शारीरिक तनाव ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसिक तनाव के कारण भी लोगों के ब्लड में ऑक्सीजन  की कमी हो रही है? हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि ब्लड में ऑक्सीजन की कमी के पीछे मानसिक तनाव की क्या भूमिका है। पढ़ते हैं आगे...  

मानसिक तनाव का ऑक्सीजन लेवल पर प्रभाव

बता दें कि जब व्यक्ति तनाव महसूस करता है तो शरीर के नर्वस सिस्टम से सिंथेटिक अल्फा एड्रिनर्जिक रिसेप्टर्स रिलीज होते हैं। इसके अलावा गुर्दे से संबंध रखने वाली ग्रंथि ब्लड में कैटिकोलामाइंस या स्ट्रेस हार्मोन भी रिलीज करती है, जिसके कारण दिल की दर बढ़ने लगती है और व्यक्ति के पैरों में हाथों में और दिल की तरफ ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। यही कारण होता है कि शरीर को और अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है इसका असर सीधे दिल पर भी पड़ता है। दूसरी तरफ मानसिक तनाव के चलते शरीर से प्रोटोसॉल निकलता है, जो नसों को प्रभावित करता है। इसका असर पाचन क्रिया पर पड़ता है और व्यक्ति लंबी लंबी सांस लेने के बजाय तेज तेज और छोटी-छोटी सांस लेना शुरू कर देता है। इसके कारण व्यक्ति जल्दी से घबराने लगता है और शरीर को जरूरी मिनरल्स नहीं मिल पाते हैं। इन सब के पीछे कारण ब्लड में ऑक्सीजन की कमी भी होती है। अगर व्यक्ति इससे विपरीत काम करे यानी लंबी गहरी सांस लें। पौष्टिक आहार लें। 

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शरीर में ऑक्सीजन की जांच कैसे करें

ऑक्सीमीटर की मदद से सैचुरेशन की जांच करें।  उसके बाद 5 से 6 मिनट तक वॉक करें। अब फिर से ऑक्सीमीटर की मदद से सैचुरेशन की जांच करें। अगर लेवल 3 पॉइंट कम हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करने  में देरी न करें। उदाहरण की बात करें तो पहले जांच में ऑक्सीजन की मात्रा 99 है तो आप 5 से 6 मिनट टहलने के बाद फिर से जांच करें। अगर लेवल एक जैसा आए तो कोई घबराने वाली बात नहीं है लेकिन अगर 3 से4 पॉइंट कम हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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इन दिनों रक्त में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्या ज्यादा देखी जा रही है, जिसके कारण हर शहर में लोग ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर्स की मदद ले रहे हैं। बता दें कि जो लोग करना कोरोना से जंग लड़ रहे हैं उनके लिए यह समय बहुत खतरनाक है। अगर आप लोग मामूली लक्षण महसूस करते हैं तो समय-समय पर ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर्स की मदद से ऑक्सीजन लेवल को ट्रैक करें। इसके लिए आप अपने पास ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर्स रखें।

ये लेख यूनिक काउंसलिंग सर्विसेस के साइकोलॉजिस्ट अर्जुन सहाय से बातचीत पर बनाया गया है।

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