कोरोना वायरस से ही नहीं बचाता 'नमस्ते या अंजलि मुद्रा', बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी है फायदेमंद

पर क्या आपको पता है कि नमस्ते सिर्फ अभिवादन का हूी तरीका नहीं है, बल्कि असल में ये एक योग मुद्रा है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Mar 07, 2020Updated at: Mar 07, 2020
कोरोना वायरस से ही नहीं बचाता 'नमस्ते या अंजलि मुद्रा', बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी है फायदेमंद

कोरोना वायरस के अबतक भारत में 31 केस हो गए हैं, वहीं दुनिया भर में कोरोना वायरस से 3280 लोगों की मौत हो गई है। ताजा मामला नीदरलैंड का सामने आया है, जहां कोरोनोवायरस के प्रकोप में पहली मौत दर्ज की गई है। वहां कि नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ (RIVM) ने कहा, "COVID-19 के साथ एक 86 वर्षीय व्यक्ति, जिसे रॉटरडैम के इकाजिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसकी मौत हो गई है। यह व्यक्ति नीदरलैंड में कोरोनोवायरस से मरने वाला पहला रोगी था। वहीं चीन में कोरोना वायरस ने 3,042 लोगों की जान ले ली है। 

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देश-दुनिया की सारी सरकारें अपने-अपने स्तर पर इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगातार कोशिश में लगी हुई है। इस बीच जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ जिसमें वो किसी के साथ हाथ मिलाने की पेशकश कर रही थीं और उन्होंने हाथ मिलाने से मना किया। वहीं इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को अपने देशवासियों से हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने का आग्रह किया है। नेतन्याहू की इस पहल के बाद, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे लेकर एक ट्वीट किया कि, ''हर भारतीय परंपरा के पीछे विज्ञान है। यही कारण है कि भारत महान है।'' पोस्ट के साथ एक नमस्ते इमोटिकॉन भी था। 

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कोरोनावायरस से बचाने में 'नमस्ते' कितना प्रभावी है?

कोरोनोवायरस ने दुनिया के लिए आतंक पैदा कर दिया है, लेकिन इस खतरनाक वायरस से बचने का तरीका बहुत आसान है। कोरोनोवायरस संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति के छींकने या खांसने के दौरान नाक और मुंह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदें कोरोनावायरस का प्रसार करती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कोरोनोवायरस के संदेह वाले रोगियों से कम से कम 1-मीटर की दूरी पर और खांसते या छींकते समय मुंह पर टिशू पेपर या रूमाल का उपयोग करें। ऐसे में ये छींक या खांसी के ड्रोपलेट्स लोगों के हाथ और शरीर में रह सकते हैं। अगर इसी दौरान आप संक्रमित लोगों के संपर्क में आए, तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए अभिवादन के लिए गले लगना या हाथ मिलाना बंद करके नमस्ते करना आपको इस संक्रमण से बचा सकता है। 

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अंजलि मुद्रा के स्वास्थ्य लाभ

जिसे हम आम तौर पर 'नमस्ते' कहते हैं, उसे 'अंजलि मुद्रा' के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन सरल लग सकता है लेकिन यह मन और शरीर को स्वस्थ रखने में अत्यधिक लाभकारी है। आप इस मुद्रा में योगियों को अपने हाथों से ध्यान लगाते हुए देख सकते हैं क्योंकि इससे एकाग्रता बढ़ती है, व्याकुलता कम होती है और शांति को बढ़ावा मिलता है।जैसे ही आप अपने हाथों को इस नमस्कार मुद्रा में जोड़ते हैं, बाहें जुड़ जाती हैं जो हृदय चक्र के पास स्थित होती हैं। इस तरह, हृदय में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है जो स्थिरता और संतुलन लाने में मदद करती है। यह असंख्य शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। ये उनमे से कुछ है:

  • -अंजलि मुद्रा क्रोध नियंत्रण में मदद करती है
  • -यह घबराहट से राहत देता है और मन की शांति लाता है।
  • -यह अनुभूति और एकाग्रता को बढ़ाता है
  • -कलाई और बांह के जोड़ों में लचीलापन प्रदान करता है।
  • -शरीर के चक्रों को उत्तेजित करता है।
  • -तनाव दूर करता है।
  • -आंतरिक जागरूकता को बढ़ावा देता है।
  • -मस्तिष्क के गोलार्धों को जोड़ता है और मस्तिष्क के कार्यों और समन्वय का अनुकूलन करता है।

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