ठंडी हवाएं हाइपोथर्मिया, ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हैं ख़तरनाक, एक्सपर्ट से जानें बचाव

अक्टूबर के महीने में ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो जाती हैं। ऐसे में विशेष देखभाल की जरूरत होती है। खासकर उन लोगों को जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं।

 

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Oct 20, 2020 14:05 IST
ठंडी हवाएं हाइपोथर्मिया, ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हैं ख़तरनाक, एक्सपर्ट से जानें बचाव

वैसे तो सर्दियों के सीज़न को हेल्दी माना जाता है। लेकिन शुरुआत में थोड़ी सी सावधानी बरतना जरूरी है। चूंकि ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। उम्र चाहे कोई भी हो बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति को देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। आज हम इस लेख में ऐसे लोगों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें ऐसे मौसम में सावधानी बरतने  की जरूरत है। इन लोगों में यदि हाइपोथर्मिया ओस्टियोपोरोसिस अस्थमा आदि बीमारियां है तो वे सतर्क हो जाएं। आइए जानते हैं इस मौसम में कौन सी स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां परेशान करती हैं और किन किन सावधानी को बरतना जरूरी होता है। पढ़ते हैं आगे...

 

 high blood pressure patients  

हाइपोथर्मिया की बीमारियां

चूंकि ठंडी हवाएं बढ़ती उम्र के लोगों के तापमान को कम कर देती हैं इसलिए उनका शरीर बेहद संवेदनशील हो जाता है और मांसपेशियों के साथ-साथ हड्डियां भी अकड़ने लगती हैं। ऐसे में हाइपोथर्मिया की बीमारी होने की आशंका रहती है और अगर किसी को पहले से ही हाइपोथर्मिया बीमारी है तो उन्हें जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। 

जानें बचाव

इस मौसम से बचने के लिए आप इनर के साथ-साथ ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दें। इसके अलावा आप शरीर की गरम सिकाई करने वाले हीटिंग पैड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे आपको राहत मिलेगी।

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अस्थमा की बीमारी

सर्दी के मौसम में वातावरण में मौजूद एलर्जी फैलाने वाले तत्वों की लोगों की श्वास नलिका आएं अति संवेदनशील होकर सिकुड़ जाती हैं इसलिए इस मौसम में अस्थमा यानी सांस लेने की दिक्कत होने लगती है। इसके अलावा शुष्क वातावरण की वजह से भी इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं

जाने बचाव

यदि आप अस्थमा की बीमारी से ग्रस्त हैं क्या आपको लक्षण नजर आ रहे हैं तो सुबह के समय वातावरण में मौजूद धूल करो और गाड़ियों के धुएं से दूर रहें। ऐसे स्मॉग आपको नुकसानदेह हो सकते हैं। वाहर जाने की बजाय घर पर एक्सरसाइज कर सकते हैं इसके अलावा ज्यादा हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल ना करें। नेब्यूलाइजर और पर्स हमेशा कैरी करें।

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 हाई ब्लड प्रेशर

इस मौसम में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना स्वभाविक है। अगर वैज्ञानिकों के शोध की बात की जाए तो सर्दी के मौसम में 33% लोग हाई ब्लड प्रेशर समस्या के शिकार हो जाते हैं। इस मौसम में अंतर तिवारी ग्रंथियों से कुछ ऐसी हॉर्मोंस निकलते हैं जो ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

जानें बचाव

भोजन में नमक का इस्तेमाल कम से कम करें। इसके अलावा कम मात्रा में शराब, घी, नॉनवेज, तली- भुनी चीजों से दूर रहें। इनसे आपका वजन बढ़ सकता है। इसलिए आप सात्विक आहार व्यायाम के माध्यम से अपने वजन को नियंत्रित करें।

ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों के लिए

बता दे मेनोपॉज के बाद प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से स्त्रियों में ऑस्टियोपोरोसिस समस्या देखने को मिलती हैं। ठंडी हवाओं से मांसपेशियां अकड़ने लगती है और हाथ पैरों में दर्द बढ़ना शुरू हो जाता है।

जानें बचाव

सुबह शाम मोजे और दस्ताने पहनना शुरू कर दें। नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अगर आप सोने से पहले गर्म पानी में नमक डालकर अपने पैरों को डूबा कर रखेंगे तो आपको फायदा मिलेगा। इस मौसम की धूप शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। सूर्य की किरणें विटामिन डी की कमी पूरी कर देती हैं। और अगर ज्यादा बढ़ जाए तो आप किसी एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते हैं। 

(ये लेख आकाश हेल्थकेयर एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलं द्वारका के सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी डॉक्टर राकेश पंडित पर बातचीत पर आघारित है।)

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