कॉफी करे प्रास्टेट कैंसर का खतरा कम

कॉफी का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए।

रीता चौधरी
स्वस्थ आहारWritten by: रीता चौधरी Published at: Jun 18, 2012
कॉफी करे प्रास्टेट कैंसर का खतरा कम

प्रोस्ट्रेट कैंसर को बुजुर्गों की एक बीमारी के रूप में जाना जाता है! पिछले कुछ सालों से इस रोग के रोगियों की संख्या में तेजी आई है। इस रोग के प्रति जागरूकता बढ़ने से ही पिछले कुछ सालों में इसके रोगी बड़ी संख्या में इलाज के लिए सामने आ रहे हैं। इस रोग का यदि उचित समय पर सही इलाज शुरू किया जाए तो 90 प्रतिशत मामलों में सफलता की गुंजाइश रहती है।
पौरुष ग्रंथि कैंसर में कॉफी का सेवन करने से फायदा होता है लेकिन कॉफी का सेवन भी सीमित मात्रा यानी दो से चार कप ही करनी चाहिए। कॉफी में पाए जाने वाले तत्व कैंसर को बढ़ने से रोकने में सहायक साबित होते हैं।

प्रास्टेट कैंसर का खतरा

प्रास्टेट कैंसर होने का कारणों में एक यह भी है कि पुरुष अपने स्वास्थ्य विशेष रूप से यौन संबंधी समस्याओं को महिलाओं की अपेक्षा अधिक छिपाते हैं और उसके बारे में चर्चा करने में अधिक शरमाते हैं।

प्रास्टेट कैंसर में कॉफी पीने के परिणाम-

अगर आप हर दिन कॉफी पीते हैं, तो ऐसे में आपको कैंसर के कई प्रकारों से मुक्ति मिल सकती है। जैसे- प्रास्टेट कैंसर, पेट का कैंसर, मुंह के कैंसर इत्यादि। शोधकर्ताओं को कॉफी में 1000 से ज्यादा रसायन मिले हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स प्रमुख हैं, जो कैंसर को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हाल के अध्ययनों से यह भी पता चला है कि कॉफी पीने से अमाशय, बड़ी आंत, मस्तिष्क के कैंसर को भी रोका जा सकता है।
फिर भी डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को कॉफी का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन से दिल की धड़कन और ब्लडप्रेशर दोनों बढ़ सकते हैं।

ध्यान दें-

 
प्रास्टे‍ट कैंसर में विलंब होने पर इसके घातक परिणाम सामने आते हैं, इसलिए इसका समय पर इलाज करवाना चाहिए। पौरुष ग्रंथि में कैंसर का सही समय पर सही उपचार शुरू कर दिया जाए तो यह आसानी से ठीक हो सकता है।  इसलिए थोड़ी भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

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