आसान भाषा में जानिये कैंसर क्या है और इससे कैसे बच सकते हैं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 02, 2018
Quick Bites

  • कैंसर से दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मरते हैं।
  • सही समय पर पता चल जाए तो इसका सफल इलाज संभव है।
  • कैंसर से बचाव के जीवनशैली में थोड़ा बहुत बदलाव जरूरी है।

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिससे दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मरते हैं। इसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। इस बीमारी के कई रूप हैं जैसे स्किन कैंसर, कोलन कैंसर, स्तन कैंसर, ब्लड कैंसर और फेफड़ों का कैंसर आदि। शरीर में कैंसर की शुरुआत के समय ही अगर इसका पता चल जाए तो इसका सफल इलाज संभव है मगर समय बीतने के साथ-साथ इसका इलाज मुश्किल और खर्चीला होता जाता है। इस रोग की वैसे तो कई वजहें हैं लेकिन सबसे बड़ी वजह आज की हमारी जीवनशैली और खान-पान है। इसलिए इससे बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है।

क्या होता है कैंसर

जीवित रहने तक हमारे शरीर में जीवन संबंधी कई क्रियाएं चलती रहती हैं। इन्हीं में एक क्रिया कोशिकाओं यानि सेल्स का बनना है। इस क्रिया में शरीर की पुरानी और मृत कोशिकाएं अपने आप खत्म होती रहती हैं और उनकी जगह नई कोशिकाएं बनती रहती हैं। ये प्रक्रिया हमारे शरीर में हमेशा चलती रहती है। लेकिन कैंसर होने की स्थिति में शरीर में रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाएं) और व्हाइट ब्लड सेल्स (श्वेत रक्त कोशिकाएं) बिना किसी जरूरत के ही बढ़ने लगती हैं। ये कैंसर कोशिकाएं धीरे-धीरे शरीर में फैलती रहती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं के काम में भी बाधा बनती रहती हैं। यही बीमार कोशिकाएं कैंसर कहलाती हैं। हमारे शरीर में भी कंप्यूटर की ही तरह ढेर सारी कोडिंग होती है जो जीन्स के माध्यम से हमारे माता-पिता द्वारा हमारे शरीर में आती हैं। सिगरेट, तम्बाकू, नशीले पदार्थ और गलत खानपान की वजह से हमारे कोशिकाओं का जेनेटिक कोड बदल जाता है और यही हमारे शरीर में कैंसर की वजह बनता है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए जीवनशैली में थोड़ा बहुत बदलाव जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:- धूप हो सकती है खतरनाक, नजरअंदाज न करें स्किन कैंसर के ये शुरुआती लक्षण

तम्बाकू का सेवन तुरंत बंद करें

 

हर प्रकार के कैंसर का खतरा तम्बाकू खाने वालों और सिगरेट पीने वालों को सबसे ज्यादा होता है। इसलिए कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचना है तो तम्बाकू वाले पदार्थों का इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। सिगरेट पीने से फेफड़ों का कैंसर, किडनी का कैंसर, ब्लैडर का कैंसर और गर्भाशय का कैंसर हो सकता है। तम्बाकू और गुटखा खाने से मुंह और पाचन ग्रंथि में कैंसर हो सकता है। कैंसर के 90 प्रतिशत मरीजों में इसकी सबसे बड़ी वजह सिगरेट या गुटखा ही सामने आई है। बीड़ी और सिगरेट पीने से शरीर में कैंसर उत्पादक तत्व प्रवेश करते रहते हैं। ये तत्व स्वस्थ कोशिकाओं को बीमार कोशिकाओं में बदलते रहते हैं और यही कोशिकाएं कैंसर कोशिकाएं बनती जाती हैं। अगर आप सिगरेट या बीड़ी नहीं पीते हैं लेकिन इसके धुंए के संपर्क में लगातार रहते हैं, तब भी आपको इसका उतना ही खतरा है जितना कि इसे पीने वाले व्यक्ति को है। इसलिए अगर आप बीड़ी या सिगरेट पीते हैं तो इसे बंद कर दें और अगर नहीं पीते हैं तो अपने आसपास ऐसा करने वालों को मना करें।

शरीर को एक्टिव रखें और वजन कंट्रोल करें

वजन का अनियंत्रित रूप से बढ़ना भी कैंसर और इस जैसी कई गंभीर बीमारियों का कारण हो सकता है। वजन को कंट्रोल में रखने के लिए जरूरी है कि आप दिनभर में थोड़ी शारीरिक मेहनत करें। अगर आपका काम एक जगह बैठने वाला है तो दिन में कम से कम आधे घंटे व्यायाम करें और थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर कुछ चहलकदमी करें। शरीर की फिटनेस के लिए जरूरी है कि आप जितनी कैलोरी खाने में ले रहे हैं उनका इस्तेमाल हो जाए अन्यथा शरीर में चर्बी जमने लगती है और मोटापा आने लगता है। मोटापे की वजह से मूत्राशय का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, बड़ी आंत का कैंसर आदि के खतरे बढ़ जाते हैं।

जो भी खाएं पौष्टिक खाएं

शरीर को रोगों से बचाने के लिए, फिटनेस के लिए और दिनभर के कामों के लिए जरूरी ऊर्जा पाने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है। पौष्टिक आहार से मतलब फल, सब्जियां, दूध, अंडे और ड्राई फ्रूट्स है तो है ही लेकिन इनके अलावा भी आप जो कुछ खाते हैं उसमें क्वालिटी और साफ-सफाई का विशेष खयाल रखें। घर में प्रयोग होने वाले तेल, मसालों और राशन की क्वालिटी पर ध्यान दें। फलों को खरीदते समय देखें कि उन्हें पकाने के लिए किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल न किया गया हो। मिलावट वाले और केमिकल युक्त दूध और इससे बने पनीर, मिठाइयों और पकवानों का इस्तेमाल भी शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। खाने में जितना हो सके मोटे अनाज, बीन्स और दाल का इस्तेमाल करें। बाहर के जंक फूड्स में कैलोरी की मात्रा भी ज्यादा होती है और इनमें स्वाद बढ़ाने के लिए कई हानिकारक तत्वों का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए पौष्टिक आहार लें और उतना ही लें जितना शरीर की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें:- शुरुआत में ही कैंसर का पता लगाने के लिए ये हैं 10 संकेत

धूप की हानिकारक किरणों से बचें

सूरज की धूप शरीर के लिए फायदेमंद है लेकिन एक सीमा तक ही है। ओजोन लेयर में छेद होने से धूप के साथ हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणें भी आती हैं जो शरीर के लिए हानिकारक हैं। इन किरणों के संपर्क में ज्यादा समय तक रहने से स्किन कैंसर का खतरा हो जाता है। सनस्क्रीन कुछ हद तक आपको इन हानिकारक किरणों के प्रभाव से बचाता है लेकिन इसे लगाने के अलावा भी जब भी आप घूप में निकलें अपने पूरे शरीर को ढक कर निकलें। आंखों को इन हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनग्लासेज पहनें और धूप में ज्यादा गहरे रंग के कपड़े न पहनें।

अल्कोहल खतरनाक है

शरीर के लिए जरूरत से ज्यादा अल्कोहल खतरनाक है और इससे कैंसर का भी खतरा होता है। अल्कोहल की ज्यादा मात्रा का लंबे समय तक सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और गुदा कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अल्कोहल का सेवन बंद कर दें और स्वस्थ जीवन का चुनाव करें।

स्क्रीनिंग टेस्ट करवाना जरूरी है

कैंसर का पता अगर शुरुआत में ही चल जाए तो इसका इलाज संभव है। इसलिए आपको समय-समय पर शरीर का स्क्रीन टेस्ट करवाना चाहिए। रेगुलर स्क्रीन टेस्ट के जरिये ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और कॉलन कैंसर का पता लगाया जा सकता है और इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। जबकि दूसरे प्रकार के कैंसर को स्क्रीन टेस्ट के जरिये जाना जा सकता है पर पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। लेकिन शरीर को इससे वाली होने वाले नुकसान को बहुत हद तक कम किया जा सकता है जिससे व्यक्ति को ज्यादा समय तक जीवित रखा जा सके।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Cancer In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES4357 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK