बस एक गोली सुधारेगी दिल की सेहत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 20, 2012

bas ek goli sudharegi dil ki sehatहृदयाघात के बाद मरीज को दुरुस्‍त होने में काफी समय लगता है। आघात के बाद हृदय पर गहरा असर पड़ता है जो कई बार सारी उम्र पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाता। इसी समस्‍या से निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिक जल्‍द ही ऐसी दवा तैयार करने का दावा कर रहे हैं जिससे हृदयाघात के बाद दिल की जल्‍द मरम्‍मत होने में मदद मिल सकेगी।

[इसे भी पढ़े- दिल की सेहत के लिए]

यूनिवसिर्टी कॉलेज ऑफ लंदन की टीम इस विचार को अमली जामा पहनाने में जुटी हुई है। टीम इस बात पर शोध कर रही है कि कैसे हार्ट अटैक के बाद दिल को दोबारा तंदुरुस्‍त हो जाए। एक ओर जहां शरीर के बाकी अंग आमतौर पर किसी चोट या आघात के बाद जल्‍द ठीक हो जाते हैं, वहीं दिल ऐसा नहीं कर पाता। अगर किसी को दिल का दौरा पड़ता है तो उसके बाद उसे बीमार दिल के साथ ही रहना पड़ता है और जीवन की गुणवत्‍ता कम होती है। लेकिन ये शोधकर्ता दावा कर रहे हैं कि जल्‍द ही ऐसी दवा बनकर तैयार हो जाएगी जो दिल के दौरे के बाद उसे दोबारा सेहतमंद बनाने में मदद करेगी।


शोधकर्ताओं के अनुसार उन्‍होंने एक प्रोटीन 'थाईमोसीन बीआ 4' ढूंढ़ा है तो कि दिल की मरम्‍मत में मददगार साबित होगा। इसका प्रयोग चूहे पर किया गया और पाया गया कि चूहे का दिल 25 प्रतिशत ज्‍यादा अच्‍छे से काम कर रहा है। जल्‍द ही इसका प्रयोग इंसानों पर किए जाने की तैयारी भी की जा रही है।

[इसे भी पढ़े- दिल की बीमारियों से संबंधी भ्रम और तथ्य]

प्रमुख शोधकर्ता पॉल रिले कहते हैं ,'दिल को पूरी तरह से ठीक करना संभव है। कुछ साल पहले तक भी लोग विज्ञान के प्रयोगों पर उतना विश्‍वास नहीं करते थे। यह एक लंबी प्रक्रिया की शुरुआत है। दिल की स्थिति में थोड़ा सा भी सुधार आपके जीवन की गुणवत्‍ता को बढ़ा देता है।'


Read More Article On- Health news in hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES5 Votes 13346 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK