बच्चों के विकास के लिए नौ घंटे की नींद जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 08, 2013

bacho ke vikas ke liye nau ghante ki neend jaruri

स्कूल जाने वाले बच्चे यदि रात में नौ घंटे से कम सोते हैं तो उनको स्कूल में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक इसका असर उनकी संवाद दक्षता और गणित जैसे विषय को समझने में पड़ता है।

स्पेन में आटोनोमस यूनिवर्सिटी आफ बार्सिलोना के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि रात में कम सोने वाले बच्चों में संवाद की समस्या आती है और वे गणित के साधारण सवाल भी नहीं समक्ष पाते।

अध्ययन के प्रमुख रेमन क्लाडेल्स के अनुसार, अधिकतर बच्चे उतना नहीं सो पाते, जितना उनके बौद्धिक विकास के लिये जरूरी है। कम नींद के कारण उनकी बौद्धिक क्षमता प्रभावित होती है। डेली मेल ने उनके हवाले से कहा कि जो बच्चों आठ अथवा नौ घंटे सोते हैं, उनका प्रदर्शन उनसे कम होता है जो नौ से 11 घंटे सोते हैं।

अनुसंधान के लिए अध्ययनकर्ताओं ने प्राथमिक स्कूल के 142 छात्रों पर अध्ययन किया, जिनकी उम्र छह से सात साल की थी। संवाद और गणित के अलावा कम सोने वालों को वर्तनी, व्याकरण और व्याख्या में भी दिक्कत पेश आयी। अनुसंधान में लेकिन पाया गया कि कम सोने वाले बच्चों की स्मृति और समझने की क्षमता प्रभावित नहीं हुई।

 

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