बच्‍चों का दोस्‍त होता है बुखार

जाने, बुखार बच्‍चों का दोस्‍त कैसे हो सकता है।

रीता चौधरी
लेटेस्टWritten by: रीता चौधरी Published at: Nov 21, 2012
बच्‍चों का दोस्‍त होता है बुखार

baccho ka dost hota hai bukhar

सर्दी-जुकाम के साथ जैसे ही आपके बच्‍चों को बुखार चढ़ना शुरू होता है, माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। हालांकि बदलते मौसम में ऐसा होना आम बात है, लेकिन माता-पिता किसी अनहोनी की चिंता से घबरा जाते हैं। वे उसे डॉक्‍टर के पास ले जाते हैं और फिर शुरू हो जाता है दवाओं का सिलसिला। लेकिन, हालिया अध्‍ययन में पता चला है कि बुखार के दौरान बच्‍चों को दवाइयां देना ठीक नहीं है। इस शोध में बुखार को बच्‍चों के लिए अच्‍छा माना गया है। शोध में कहा गया है कि बढ़ा हुआ तापमान शरीर में बीमारी से लड़ने की क्षमता पैदा करता है।

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लोवोला यूनि‍वर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक बुखार आने पर शरीर का तापमान बढ़ जाता है। उनका मानना है कि इस दौरान बच्‍चे को दवाओं से ज्‍यादा आराम की जरूरत होती है। उसे चाहिए कि बुखार के दौरान ज्‍यादा से ज्‍यादा आराम करे और भरपूर नींद ले।

इस  शोध में कहा गया है कि बच्‍चे को बुखार होने पर माता-पिता का घबरा जाना स्‍वाभाविक है। लेकिन, वास्‍तव में यह इतना भी खतरनाक नहीं है। उनका कहना है कि माता-पिता को यह जानना जरूरी है कि वास्‍तव में सामान्‍य बुखार बच्‍चे का दोस्‍त होता है।

 

 

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