अस्‍थमा के मरीजों के लिए नयी दवा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 19, 2012
asthama patientअस्‍थमा एक गंभीर बीमारी है। दुनिया भर में लाखों लोग इस बीमारी से परेशान हैं। हालांकि इसका इलाज तो मौजूद है, लेकिन वह वक्‍ती राहत भर दिलाता है। लेकिन, अब इस बीमारी के मरीजों के लिए अच्‍छी खबर है। शोधकर्ता ऐसी नयी दवा ईजाद करने में कामयाब हो गए हैं जो अस्‍थमा के अटैक का खतरा बीस फीसदी तक कम कर देगी। 

यह खोज अस्‍थमा के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। पूरी दुनिया में अस्‍थमा को गंभीर बीमारियों में शुमार किया जाता है। केवल ब्रिटेन में ही अस्‍थमा के मरीजों की संख्‍या पचास लाख से अधिक है। इनमें से ढाई लाख तो गंभीर रूप से अस्‍थमा की गिरफ्त में हैं। जबकि, ब्रिटेन में औसतन हर रोज तीन लोगों की मौत अस्‍थमा के दौरे के चलते हो जाती है। 
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अस्‍थमा के उपचार के लिए आमतौर पर स्‍टेरॉयड के इंहेलर या टेबलेट का इस्‍तेमाल किया जाता है। इससे मरीज को फौरी राहत तो मिलती है, लेकिन अस्‍थमा के ज्‍यादार कारगर इलाज की तलाश लगातार की जाती रही है। इसी क्रम में शाधकर्ताओं ने धूम्रपान के चलते होने वाली क्रोनिक ऑब्‍सट्रक्टिव पल्‍मोनरी डिजीज के उपचार में दी जाने वाली दवा का परीक्षण अस्‍थमा के मरीजों पर किया। लगातार किए गए परीक्षणों में पाया गया कि इस दवा के प्रयोग से अस्‍थमा के अटैक का खतरा 21 फीसदी तक कम हो जाता है। टायोट्रोपियम नाम की इस दवा को इंहेलर के जरिए लेने पर फेफड़े बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं। यहां तक कि जो लोग अस्‍थमा की घातक अवस्‍था के शिकार हैं उन्‍हें भी इस दवा के इस्‍तेमाल से फायदा होता है। 

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