एनीमिया के निदान के तरीके

एनीमिया किसी बीमारी का लक्षण मात्र है, जिसका पता लगाने के लिए कुछ जांच कराई जाती हैं। शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है जिसे एनीमिया जाता है।

Anubha Tripathi
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: Anubha TripathiPublished at: Jul 13, 2012
एनीमिया के निदान के तरीके

हीमोग्‍लोबिन यानी रक्‍त में लाल रक्‍त कणिकाओं की कमी हो जाना ही एनीमिया होता है। इससे आप पूरी शक्ति के साथ काम नहीं कर पाते और शरीर हमेशा रहता है थका-थका महसूस करता है तो यह एनीमिया हो सकता है। शरीर में आयरन की कमी होने से हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है जिसे एनीमिया जाता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला ऐसा प्रोटीन है, जो पूरे शरीर ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है और हीमोग्लोबीन की कमी से शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और इसी कमी की वजह से व्यक्ति में एनीमिया के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर या हरे पत्तेदार सब्जियां का सेवन नहीं करने पर रक्त में आयरन की कमी हो जाती है।

 

Anemia in Hindi

 

एनीमिया के लक्षण


  • सिरदर्द और थकान महसूस रहना।
  • कभी-कभी चक्कर आना और आंखों के आगे अंधेरा छा जाना ।
  • हृदय गति असामान्य होना।
  • खाने खाने का मन नहीं करना।
  • नाखूनों की रंगत सफेद पडना
  • आंखों के नीचे काले घेरे होना।

 

 

एनीमिया का निदान

रोगी की रक्‍त जांच के जरिए डॉक्टर आसानी से एनीमिया के पहचान कर लेते हैं। इसके अलावा वे रोगी की अन्य जांच भी करवाते हैं जिससे एनीमिया की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके। एनीमिया का इलाज पूरी तरह से संभव है। रोगी की शरीर की जांच व चिकित्सीय इतिहास का इसमें अहम रोल होता है। कई बार रोगी के परिवारिक इतिहास में एनीमिया की समस्या होती है जिससे वो इसका शिकार हो जाता है। इसके अलावा कोई अन्य गंभीर बीमारी होने पर भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं। एनीमिया किसी बीमारी का लक्षण मात्र है और डॉक्टर रोगी की जांच के जरिए इस बीमारी के बारे में पता लगाने की कोशिश करते हैं। एनीमिया के निदान के लिए निम्न जांच की जाती हैं।

 

Anemia in Hindi

 

सीबीसी

एनीमिया कई तरह का होता है। इसलिए सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि रोगी किस प्रकार की एनीमिया का शिकार है। सीबीसी के जरिए लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या के बारे में पता किया जाता है साथ ही सफेद रक्त कोशिकाओं व प्लेटलेट्स के बारे में भी जानकारी मिलती है।

 

 

परिधीय रक्त धब्बा (Peripheral blood smear)

इस जांच में लाल रक्त कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप के जरिए देखा जाता है। इसमें उसके आकार, संख्या व रंग को अन्य रक्त कोशिकाओं से मिलाया जाता है।

 

 

आयरन का स्तर

आयरन का स्तर डॉक्टर को यह बताता है कि खून की कमी आयरन की कमी से है या नहीं। इस टेस्ट के जरिए शरीर के आयरन ग्रहण करने की क्षमता के बारे में पता लगाया जाता है।

 

फोलेट

फोलेट वह विटामिन है जो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। जिन लोगों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है उनमें उसकी कमी होती है।

 

विटामिन बी12

लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए विटामिन बी12 होना जरूरी है। जिन लोगों में खाने की बुरी आदतें होती हैं या जिन्हें हानिकारक एनीमिया होता है उनमें इसकी कमी होती है।

 

 

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