उम्र बढ़ना (Anging) एक नेचुरल प्रोसेस है और इसमें किसी जोर नहीं चलता। इसके चलते लोगों के अंगों और उनकी रूख-रेखा में बदलाव आने लगता है। चेहरे पर उम्र की महीन रेखाएं (fine lines)घिर आती हैं और टिशूज और सेल्स में सिकुड़न आने लगती हैं। त्वचा की इन रेखाओं को झुर्रियां (wrinkles) कहा जाता है। इसी तरह त्वचा पर जवानी वाली रौनक नहीं रहती और चेहरे का रंग भी डल होने लगता है। पर परेशानी तब आती है, जब लोगों में उम्र से पहले एजिंग (early aging) शुरू हो जाती है। एजिंग से जुड़ी इन्हीं तमाम बातों को हम इस पेज में पढ़ेंगे पर आइए सबसे पहले समझते हैं एजिंग के प्रोसेस और इसे से जुड़ी तमाम बातों के बारे में।
उम्र बढ़ने पर त्वचा की सबसे ऊपरी परत एपिडर्मिस (epidermis)पतले होने लगते हैं। यह त्वचा को पारदर्शी और पीला बनाता है, जिसके कारण त्वचा के नीचे की रक्त वाहिकाएं नजर आने लगती हैं। ये रक्त वाहिकाएं भी नाजुक हो जाती हैं, जो आसान घाव या रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं। इसलिए आपको झुर्रियों के साथ चेहरे पर नीली नसें भी नजर आने लगती हैं। इसके अलावा फोटो एजिंग (photo aging)नामक एक प्रक्रिया में, सूरज की यूवी किरणें त्वचा में इलास्टिन (elastin in the skin)नामक फाइबर को प्रभावित करती हैं और यह टूट जाती हैं, जिससे त्वचा शिथिल हो जाती है। इसके चलते झुर्रियां बढ़ने लगती हैं।
साथ ही उम्र बढ़ने के साथ भौंहों और आंखों के आसपास की त्वचा भी सूख जाती है। आपकी महीन रेखाएं और चेहरे की सामान्य मांसपेशियों की हलचल आपके चेहरे पर नजर आती हैं। इसके पीछे एक और बड़ा कारण शरीर में फैट की कमी भी है। दरअसल, जब शरीर में फैट की उपचर्म परत भी आपकी उम्र के बढ़ने के बाद कम होने लगती है, इसलिए यह बाहरी तत्वों जैसे मौसम और हानिकारण कणों से चेहरे का बचाव नहीं कर पाती है।
उम्र बढ़ने के शुरुआती लक्षण फाइन लाइन्स और झुर्रियां (fine lines and wrinkles)हैं। फाइन लाइनें हमारे 20 की उम्र के बाद से दिखाई दे सकती हैं। हमारे 30 के दशक में, हमारे चेहरे के भावों के कारण होने वाली रेखाएं जैसे कि हंसने पर मुंह के आस-पास रेखाएं और आंखों के आस पास फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। पर हमारे 40 के दशक में, त्वचा अधिक शिथिल होने लगती है और अपने त्वचा पर ज्यादा झुर्रियां आने लगती हैं।
1. कोलेजन की कमी (Collagen breakdown)
2. यूवी रेडिएशन के कारण (UV radiation)
3.ऑक्सीडेशन के कारण (Oxidation)
4. सूजन के कारण हीलिंग प्रोसेस धीमा होने से (Inflammation)
5. ग्लाइकेशन (Glycation)
6. प्रदूषण के कारण (Pollution)
7. खराब डाइट की वजह से (unhealthy diet)
8. स्मोकिंग के कारण (Smoking)
9. हाईड्रेशन की कमी के कारण (lack of hydration)
10. खराब स्किन केयर रूटीन के कारण (bad skin care routine)
उम्र बढ़ने के निशान भी फोटो एजिंग के साथ भी दिखाई देने लगते हैं। ये सपाट, भूरे रंग के धब्बे होते हैं जो ज्यादातर हाथों, चेहरे, हाथों और पैरों पर देखे जाते हैं। आमतौर पर, वे हल्के चमड़ी वाले लोगों पर अधिक दिखाई देते हैं। साथ ही प्राकृतिक तेलों के कम उत्पादन के कारण, सुस्त और खुजली वाली त्वचा के अलावा उम्र बढ़ने का संकेत ही है।
उम्र बढ़ने के साथ पुराने सेल्स खराब होने लगते हैं और नए का उत्पादन धीमा हो जाता है। मुक्त कणों और अन्य कारकों द्वारा कोशिकाओं को जितना अधिक नुकसान होता है, उतनी अधिक कोशिकाओं के विकास की आवश्यकता होती है। पर इसी का ना हो पाना सेलुलर एजिंग का कारण बनता है।
हार्मोन उम्र बढ़ने में एक बड़ा कारक हैं, खासकर बचपन के विकास और किशोर परिपक्वता के दौरान। जीवन के मध्म यानी की 20 के बाद हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव ज्यादा बढ़ जाता है। जो जवानी मुंहासे और बड़े छिद्र लाता है। जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हार्मोनल बदलाव के कारण शुष्क त्वचा बढ़ती जाती है और चेहरे पर झुर्रियां बढ़ने लगती हैं।
विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से, सूरज की हानिकारक किरणों से, खाद्य पदार्थ, प्रदूषण, और धूम्रपान के कारण भी भी चेहरे पर तेजी से एजिंग होती है। ये प्राकृतक कारण नहीं है। साथ ही समय के साथ, इन बाहरी कारकों से ऊतक क्षति हो सकती है और फिर इसकी मरम्मत करने की क्षमता में कमी आना भी एजिंग को बढ़ावा देता है।
उम्र बढ़ने के साथ आपकी कोशिकाएं में लगातार बदलाव आता है और भोजन व ऊर्जा में कमी आने लगती है जिसके कारण स्किन तेजी से एजिंग की तरफ बढ़ सकती है। समय के साथ शरीर का चयापचय भी धीमा होने लगता है, जिससे चेहरे पर उसका असर नजर आता है।
इन दिनों, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए कई सर्जिकल और गैर-सर्जिकल विकल्प हैं। लेजर ट्रीटमेंट और कूल स्कल्प्टिंग से लेकर फिलर्स और केमिकल पील्स, प्लास्टिक सर्जरी से लेकर बोटुलिनम टॉक्सिन (बोटोक्स) तक। कॉस्मेटिक सर्जरी युवा दिखने वाली त्वचा को बनाए रखने के सबसे लोकप्रिय रूपों में से एक है। ये सभी उपचार केवल योग्य और अनुभवी पेशेवरों द्वारा ही करवाएं।
क्लीनजिंग, टोनिंग और मॉइस्चराइजिंग स्किन केयर रूटीन की सबसे जरूरी चीजों में से एक हैं। फाइन लाइनों और झुर्रियों की उपस्थिति को कम करने के लिए सनस्क्रीन और एंटी एजिंग क्रीम का उपयोग करें। साथ ही आप प्राकृतिक तेलों जैसे कि खुबानी तेल के साथ उत्पादों का चयन कर सकते हैं। फाइन लाइनों और काले घेरे से छुटकारा पाने के लिए एक अंडर-आई क्रीम का उपयोग कर सकते हैं।
एजिंग के प्रोसेस को धीमा करने के लिए जरूरी है आप अपने खाने में उन चीजों को शामिल करें, चेहरे में हाइड्रेशन बढ़ाए और कोलेजन को बढ़ावा दे। इसलिए अपने खाने में इन चीजों को जरूर शामिल करें। जैसे कि
आप एलोवेरा जेल, केले या कच्चे अंडे का सफेद भाग से एंटी एजिंग फेस मास्क (anti aging face mask) इस्तेमाल कर सकते हैं। केले में प्राकृतिक तेल और विटामिन सी त्वचा को पोषण देते हैं, तो वहीं एलोवेरा और अंडे की सफेदी में कोलेजन बूस्टर हैं, जो कि झुर्रियों की उपस्थिति को कम करते हैं। साथ ही आप नारियल तेल भी अपने चेहरे पर लगा सकते हैं।
एरोबिक एक्सरसाइज जैसे स्विमिंग, कार्डियो, वॉकिंग या यहां तक कि योगा, आपको सालों साल जवां बना सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ फेशिल एक्सरसाइज (facial exercises) भी कर सकते हैं, जो कि आपके चेहरे में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाएगा और कोलेजन की कमी को दूर करेगा।
तो, इस तरह चेहरे पर फाइन लाइन्स, झुर्रियों और एंटी एजिंग से जुड़े सभी टिप्स आप हमारे एक्सपर्ट से इस पेज पर पढ़ सकते हैं। साथ ही हमारी स्किन केयर कैटेगरी में आप त्वचा से जुड़ी तमाम समस्याएं, उनके हल और बेहतरीन स्किन केयर टिप्स पा सकते हैं।
Source: American Academy of Dermatology Association
www.ncbi.nlm.nih.gov