बालासन करने कातरीका और लाभ

By Shilpy Arya
06 October 2021

बालासन को 'चाइल्ड पोज' भी कहते हैं। इसे करने के दौरान पीठ में खिंचाव होता है जो आपके स्पाइनल कॉलम को आराम देता है। यह मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे दर्द में कमी आती है।

बालासन करने का तरीका - स्टेप 1

बालासन करने के लिए सबसे पहले अपना योगा मैट बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।

स्टेप - 2

अब सांस अंदर लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। अपनी हथेलियों को दूर-दूर रखें।

स्टेप - 3

सांस बाहर छोड़ते हुए कूल्हे के जोड़ों से आगे की तरफ झुकें। आपको सिर्फ कूल्हे के जोड़ों से झुकना है ना कि कमर के जोड़ों से।

स्टेप - 4

इतना झुकें कि आपकी हथेलियां जमीन को छूने लगें और अब अपना सिर भी जमीन पर टिका लें।

स्टेप - 5

यह बालासन की मुद्रा है, अब आप अपने शरीर को रिलैक्स करिए और लंबी-लंबी सांसें लेते और छोड़ते रहिए।

स्टेप - 6

अब दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें और इनके बीच में अपने सिर को रखें। अपनी सांसें सामान्य रखें।

स्टेप - 7

आप बालासन की मुद्रा में 30 सेकेंड से लेकर 5 मिनट तक रह सकते हैं।

बालासन के फायदे

  • तनाव और अवसाद से छुटकारा दिलाएं।
  • छाती, पीठ और कंधों के तनाव में कमी लाए।
  • ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करे।
  • टखनों, कूल्हों और जांघों को फैलाने में मदद करे।
  • शरीर को सक्रिय और कोमल बनाए।

सावधानियां

  • गर्भावस्था में ना करें।
  • उच्च रक्तचाप की समस्या होने पर करने से बचें।
  • दस्त या घुटने में चोट है तो ना करें।
  • क्षमता से ज्यादा जोर ना लगाएं।

बालासन का अभ्यास करना पूरे शरीर का व्यायाम है। इसके फायदे और नुकसान को ध्यान में रखकर इसका अभ्यास करें। सेहत से जुड़ी और जरूरी बातें जानने के लिए पढ़ते रहें onlymyhealth.com