अधिक वज़न हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 05, 2012

Adhik vajan ho sakta hai breast cancer ka kaaran

 

अधिक वज़न हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण   

शारीरिक और मानसिक सुख के लिए एक स्वस्थ शरीर के लिए सही वजन और सही रखरखाव करना अत्यंत आवश्यक है। मोटापा सीधे तौर पर अनेक जीवनशैली संबंधी बीमारियों को जन्म होता देते हैं। जैसे कि

कैंसर

कुछ निश्चित प्रकार के कैंसर मोटे लोगों में सामान्य है। मोटी महिलाएं सबसे अधिक ब्रेस्ट कैंसर से पीडि़त होती हैं। वे महिलाएं जो मेनोपॉज़ या उसका अनुभव कर रही हैं ब्रेस्ट कैंसर के होने की अत्यधिक संभावना रहती हैं।

मोटापा एक कारण

• प्राकृतिक रूप से मोटी महिलाएं अपनी प्रतिदिन की खुराक में वसा की अधिक मात्रा ग्रहण करती हैं। महिलाएं में शरीर में अतिरिक्त वसा ब्रेस्ट कैंसर, अंडाशय का कैंसर और सर्विकल कैंसर जैसे कुछ कैंसर को बढ़ावा देती है।


• बहुत सारी स्टडी से यह साबित हुआ है कि मौटापे से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ती है। यह जोखिम उन महिलाओं को ज्यादा होता है, जो अपने टयूमर को ठीक करने में यूसमेनोपॉजल हार्मोन थेरेपी (एमएचटी) का इस्ते माल नहीं करती।


• ब्रेस्ट कैंसर और मोटापे के बीच में संबंध औरतों के उम्र पर निर्भर करता है की उसका वज़न कब बढ़ा, और वह कब मोटी हुई। एपीडेमोलाजिस्ट इस सवाल का जबाब खोज रहे है। यौवन में वज़न का बढ़ना, जैसे- 18 से लेकर 50 और 60 साल तक में, जाहिर तौर पर मेनोपॉज के बाद ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है, और इसके खतरों को बढ़ाता है।

• मोटी औरतों में शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होने के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद, जब ओवरी हॉर्मोस बनाना बंद कर देता है, तब मोटापा बढ़ाने वाले एस्ट्रोजन के मुख्य कारक बन जाते है। मोटापे के कारण औरतों में फैट टश्यूश का स्तर बढ़ जाता है। जो ब्रेस्ट ट्यूमर को बढ़ाने में मदद करता है। 


जीवनशैली  

वे महिलाएं जो पाश्चात्य जीवनशली में रम गई हैं, नए अध्ययनों और आंकड़ों की मानें, तो बिंदास जीवनशली स्तन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को निमंत्रण दे रही है। 'व‌र्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड' [डब्ल्यूसीआरएफ] द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह चौंकाने वाली बात कही गई है। इसमें स्पष्ट पर कहा गया है कि महिलाओं के पश्चिमी जीवनशली से प्रभावित होने और व्यायाम न करने की आदत से स्तन कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है।

सावधानी

अगर महिलाएं अपनी जीवनशली में सुधार लाएं और नियमित व्यायाम करे, तो स्तन कैंसर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सबसे जरूरी है महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के बारे में समझाना कि यह क्या है और इसके कारण क्या –क्या है, ताकि उनमें जागरूगता बढ़े। 





 

शारीरिक और मानसिक सुख के लिए एक स्वस्थ शरीर के लिए सही वजन और सही रखरखाव करना अत्यंत आवश्यक है। मोटापा सीधे तौर पर अनेक जीवनशैली संबंधी बीमारियों को जन्म होता देते हैं। जैसे कि

 

कैंसर

 

कुछ निश्चित प्रकार के कैंसर मोटे लोगों में सामान्य है। मोटी महिलाएं सबसे अधिक ब्रेस्ट कैंसर से पीडि़त होती हैं। वे महिलाएं जो मेनोपॉज़ या उसका अनुभव कर रही हैं ब्रेस्ट कैंसर के होने की अत्यधिक संभावना रहती हैं।

 

मोटापा एक कारण

 

• प्राकृतिक रूप से मोटी महिलाएं अपनी प्रतिदिन की खुराक में वसा की अधिक मात्रा ग्रहण करती हैं। महिलाएं में शरीर में अतिरिक्त वसा ब्रेस्ट कैंसर, अंडाशय का कैंसर और सर्विकल कैंसर जैसे कुछ कैंसर को बढ़ावा देती है।

 

 

• बहुत सारी स्टडी से यह साबित हुआ है कि मौटापे से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ती है। यह जोखिम उन महिलाओं को ज्यादा होता है, जो अपने टयूमर को ठीक करने में यूसमेनोपॉजल हार्मोन थेरेपी (एमएचटी) का इस्ते माल नहीं करती।

 

 

• ब्रेस्ट कैंसर और मोटापे के बीच में संबंध औरतों के उम्र पर निर्भर करता है की उसका वज़न कब बढ़ा, और वह कब मोटी हुई। एपीडेमोलाजिस्ट इस सवाल का जबाब खोज रहे है। यौवन में वज़न का बढ़ना, जैसे- 18 से लेकर 50 और 60 साल तक में, जाहिर तौर पर मेनोपॉज के बाद ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है, और इसके खतरों को बढ़ाता है।

 

• मोटी औरतों में शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होने के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद, जब ओवरी हॉर्मोस बनाना बंद कर देता है, तब मोटापा बढ़ाने वाले एस्ट्रोजन के मुख्य कारक बन जाते है। मोटापे के कारण औरतों में फैट टश्यूश का स्तर बढ़ जाता है। जो ब्रेस्ट ट्यूमर को बढ़ाने में मदद करता है। 

 

 

जीवनशैली  

 

वे महिलाएं जो पाश्चात्य जीवनशली में रम गई हैं, नए अध्ययनों और आंकड़ों की मानें, तो बिंदास जीवनशली स्तन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को निमंत्रण दे रही है। 'व‌र्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड' [डब्ल्यूसीआरएफ] द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह चौंकाने वाली बात कही गई है। इसमें स्पष्ट पर कहा गया है कि महिलाओं के पश्चिमी जीवनशली से प्रभावित होने और व्यायाम न करने की आदत से स्तन कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है।

 

सावधानी

 

अगर महिलाएं अपनी जीवनशली में सुधार लाएं और नियमित व्यायाम करे, तो स्तन कैंसर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सबसे जरूरी है महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के बारे में समझाना कि यह क्या है और इसके कारण क्या –क्या है, ताकि उनमें जागरूगता बढ़े। 

 

 

 

 

 

 

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