मिडल ईस्ट से आया था समोसा और पॉर्चगीज़ लाए थे आलू, इन 5 फूड्स के फैक्ट्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 01, 2017
Quick Bites

  • समोसा, आलू, चाय...ये सब हैं विदेशियों की देन
  • विदेशी इसमें गुलाब जल डालते थे, इसलिए कहते हैं गुलाब जामुन
  • मिडिल ईस्ट, पॉर्चगीज़ और दक्षिण अमेरिका से हैं ये फूड्स

चाय के बिना हमारी सुबह नहीं होती, आलू के बिना हमारे यहां पराठे नहीं बनते। और-तो-और, गुलाब जामुन के बिना दावत पूरी नहीं होती। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ये सारे फूड आइटम्स विदेशियों ने भारत में इंट्रोड्यूस करवाए थे, और आज आलम यह हो गया है कि इनकी खुशबु और स्वाद का ज़ायका हर घर में है। ये हैं पॉपुलर 5 फूड आइटम्स जिन्हें फॉर्नर्स ने इंडिया में इंट्रोड्यूस किया।

मसालेदार चीजें खाने पर नही होगी जलन, आजमाएं ये टिप्‍स

1- चाय

सुबह-सुबह बेड टी का मज़ा ही कुछ अलग है। एक तो, इससे सारी सुस्ती दूर हो जाती है और दूसरा ताज़गी महसूस होती है। इंडियन फैमिलीज़ के लिए यह उतनी ज़रूरी है जैसे गाड़ी के चलने के लिए पेट्रोल। आजकल चाय की भी बहुत वैरायटीज़ आ गई हैं, जैसे कड़क, मसाला और कटिंग।
आपको बता दें कि भारत चाय के मामले में सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। ऐसे में यह मानना बहुत मुश्किल है कि टी प्लांटेशन इंडिया में नहीं शुरू हुई थी, बल्कि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी ने चाइना में इसे खोज निकाला था और इसके बेनिफिट्स भी सामने लाए थे। इसके बाद इंडिया में शुरुआत आसाम से की गई। वहां के पहाड़ों पर चाय के पौधे लगाए गए और आज भी टूरिस्ट्स वहां टी-प्लांटेशन देखने ज़रूर जाते हैं। कई सालों तक ब्रिटिश दूसरे राज्यों को टी बेचते ही रहे और फिर बाद में भारतीयों ने भी इन्हें फॉलो किया और अपने टेस्ट और स्टाइल के हिसाब से चाय की पत्तियां उगानी शुरू कीं।

2- समोसा

बारिश का मौसम हो और चाय के साथ खाने को गरमा-गरम समोसा मिल जाए, तो मज़ा आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि समोसा मिडल ईस्ट की देन है, जहां इसे सम्बोसा या समसा कहा जाता था। कईओ का मानना है कि व्यापारियों ने समोसे को इंडिया में इंट्रोड्यूस करवाया, तो कई यह भी मानते हैं कि मिडल ईस्ट के चेफ्स इसे भारतीय रसोई तक लाए। अब समोसा इंडिया की लोकल और टेस्सी डिश है, जिसे लोग ज़्यादातर शाम को चाय के साथ खाते हैं और मेहमानों को भी खिलाते हैं। इसे साल के किसी भी सीज़न में खाया जा सकता है, लेकिन बारिशों के मौसम और सर्दियों में खाने का मज़ा ही अलग है। पहले इसमें ड्राय फ्रूट्स और मीट भरा जाता था, लेकिन अब आलू, पनीर, मटर, किशमिश और वेजिटेबल्स की फिलिंग होती है।

3- गुलाब जामुन

सर्दियों के लिए बेस्ट डेज़र्ट है गरमा-गरम गुलाब जामुन। नॉर्थ इंडिया में शादियों में डेज़र्ट के नाम पर यह अक्सर सर्व होता है। यह डीप-फ्राइड, गोल और चाशनी में पकाया जाता है। वैसे तो मार्केट में कई तरह की मिठाईयां मिलती हैं, लेकिन गुलाब जामुन सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। आपको बता दें कि यह पर्शिया का है। जब पर्शिया के शेफ इसे बनाते थे, तो वो इसमें गुलाब जल डालते थे। शायद इसीलिए, इसका नाम गुलाब जामुन हो गया।  

4- आलू

आलू का इस्तेमाल इंडिया के कई राज्यों में होता है। बच्चों का तो यह फेवरेट है। इससे बने चिप्स, टिक्की, पराठे...उन्हें बहुत पसंद आते हैं। कई ऐसी सब्ज़ियां होती हैं, जो आलू के साथ ही बने तो टेस्टी लगती हैं, जैसे- आलू गोभी, आलू शिमलामिर्च, आलू गाजर, आलू पालक आदि। दिलचस्प बात है कि आलू को व्रत में भी खा सकते हैं। 17वीं सदी में पॉर्चगीज़ ने भारत के किसानों को आलू के बारे में बताया था। पॉर्चगीज़ इसे 'बटाना' कहते हैं। आलू तो विदेशों में भी तरह-तरह से खाया जाता है।आलू में भले ही कैलोरीज़ हों, लेकिन इसके बिना इंडियन किचन बिलकुल अधूरी है।

5- लाल मिर्च

भारतीय किचन में मसलों में एक लाल मिर्च, जिसे सब्ज़ी में इस्तेमाल न करें, तो वो बेस्वाद और फीकी लगती है। पिज़्ज़ा में रेड चिली पैपर न डालें, तो खाने में मज़ा नहीं आता। यह भारत में 17वीं सदी में आई थी और पिप्पली को रिप्लेस किया था, क्योंकि यह स्वाद में ज़्यादा तिखी थी। लाल मिर्च से पहले, इंडिया में 2 तरह की मिर्चे थीं- काली मिर्च और पिप्पली। पिप्पली साइज़ में बहुत ज़्यादा छोटी थी। लाल मिर्च साउथ अमेरिका से है। 1492 में कोलंबस ने इसे दक्षिण अमेरिका में खोजा। उन्होंने सोचा कि यह ब्लैक पैपर की कोई वैरायटी है। शुरुआत में कोलंबस ने इसे 'एजी' नाम दिया।

 

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