स्टेम सेल देगा विकलांगों को फिर से चलने का मौका

By  ,  दैनिक जागरण
Nov 15, 2010

पक्षाघात का इलाज अब बहुत दूर नहीं


वह दिन दूर नहीं जब विकलांग भी सामान्य इंसान की तरह चलने लगेंगे। वैज्ञानिकों का दावा है कि अब पक्षाघात का इलाज बस एक कदम दूर है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने स्टेम सेलों से जुड़े प्रयोग मानव पर करने की अनुमति दे दी है।


इस क्रांतिकारी घोषणा के बाद वैज्ञानिकों का कहना हैं कि इससे दुर्घटनाओं की वजह से चलने में असमर्थ हो गए लाखों लोगों के लिए उम्मीद जागी है।


डेली एक्सप्रेस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन द्वारा लाइसेंस जारी करने के बाद सिलिकॉन वैली स्थित एक बायोटेक कंपनी जेरॉन ने शोध के लिए सौ लाख पौंड से ज्यादा खर्च किए हैं।


वैज्ञानिकों का कहना है कि सफल होने पर परीक्षण को व्यापक रूप से उपचार के लिए चार वर्षो के भीतर अमल में लाया जा सकेगा। ज्ञात हो कि मानव भ्रूण स्टेम सेल में तंत्रिका कोशिकाओं सहित विभिन्न शारीरिक कोशिकाओं को विकसित करने की क्षमता होती है।


जन्तु परीक्षणों के दौरान लकवाग्रस्त चूहे में कुछ हरकत दिखाई दी। परीक्षण अभी जारी है, जो मनुष्य के लिए सुरक्षित उपचार को निर्धारित करेगा। अटलांटा, जॉर्जिया स्थित शेफर्ड सेंटर (स्पाइनल कॉर्ड और मस्तिष्क आघात पुनर्वास अस्पताल एवं शोध संस्थान) में युगांतकारी परीक्षणों को जेरॉन ने गुप्त रखा है।


जेरॉन ने विशेष रूप से मनुष्य के भ्रूण का इस्तेमाल किया है। उम्मीद है कि हाल ही में क्षतिग्रस्त हुए स्पाइनल कॉर्ड में तंत्रिका कोशिकाओं का फिर से उत्पादन किया जा सकेगा।


एडिनबर्ग विश्र्वविद्यालय के प्रोफेसर इयान विल्मट कहते हैं कि यह बहुत ही रोमांचक खबर है, लेकिन परीक्षणों के  लक्ष्य की पुष्टि किया जाना बहुत जरूरी है।

 

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