व्हिपलैश

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009
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विहपलैश गर्दन में होने वाला एक सामान्य किस्म का इंज्यूरी है। यह अधिकतर वाहन दुर्घटना होने पर वाहन चालक और उसके चपेट में आने वाले आदमी में होता है। विहपलैश शब्द का पहली बार इस्तेमाल सन 1928 में हुआ था ।  विहपलैश इंज्यूरी का मतलब गर्दन के हड्डी की संरचना और मुलायम उतकों  का क्षतिग्रस्त होना होता है जबकि कभी–कभी विपलैश का मतलब गर्दन में हाने वाले गंभीर और पुरानी दर्द की समस्याओं को भी कहा जाता है।  हालांकि विहपलैश से जीवन को कोई खतरा नहीं होता हैं लेकिन बहुत दिनों तक गर्दन में आंशिक रूप से विकलांगता के लक्षण प्रकट हो सकते है।

 

कारण

 

विहपलैश के अधिकतर केस वाहन दुर्घटना के समय ही होते हैं। यह कोई जरूरी भी नहीं होता हैं, कि कार की स्पीड अधिक होने और गंभीर किस्म के दुर्घटना में ही गर्दन में विहपलैष की परेशानी होती है बल्‍कि साधारण दुर्घटना में भी यह समस्या हो सकती है चाहे आप दुघर्टना के समय कार में सीट बेल्ट बांधे बांध रखा हो या नहीं ?

 

विहपलैष के अन्य कारण

  • कान्‍टेक्‍ट स्‍पोर्टस इंजरी
  • सर पर कोई चीज गिरने, लगने या मारने का चोट
  • गर्दन में पड़ने वाला लगातार खिचाव या मोच, जैसे लगातर गर्दन और कंधे के बीच टेलीफोन को हेंडसेट फंसाकर बात करना
  • छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाने या उससे हिलाने से गर्दन में आने वाला मोच

लक्षण

 

प्‍हिपलैश का संकेत और लक्षण चोट लगने के तुरंत बाद या कुठ मिनट या कुछ घंटे बाद प्रकट हो सकता है। अगर चोट के तुरंत बाद विहपलैष के लक्षण प्रकट होने लगे तो इसका मतलब है कि चोट काफी गंभीर है जबकि चोट के कुछ घंटे बाद अगर इसका लक्षण प्रकट होता है तो समझा जाता है कि चोट मामूली है। व्‍हिपलैश के सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

  • गर्दन में दर्द
  • गर्दन में सूजन
  • गदर्न और उसके पिछले हिस्से  काफी कमजोर हो जाना
  • गर्दन को हिलाने डुलाने में दिक्कत होना
  • सर में दर्द रहना
  • गर्दन से कंधे तक दर्द का दौरा पड़ना
  • मसल्स स्पाज्‍म

जांच और रोग निदान

 

अगर मरीज़ को गर्दन के चारों ओर सर्वाइकल कॉलर स्ट्रैप्ड के स्पोर्ट के साथ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया जाता है तो पहले तो डॉक्टर इसे अगर हटाना सुरक्षित समझता है तो हटा देता है। अगर मरीज निम्नलिखित मांनदडों को पूरा करता है तो गर्दन से सर्वाइकल कॉलर को बिना एक्स–रे या कोई अन्य जांच करके ही हटाया जाता है।

  • मरीज के सामान्य अवस्था में और होश में होना।
  • शरीर के किसी भी हिस्से के मांसपेशियों में कमजोरी और उत्तेजना का अनुभव नहीं हो रहा हो।
  • किसी नशीले पदार्थ या शराब के सेवन का कोई साक्ष्य नहीं मिला हो।
  • गर्दन के पिछले हिस्से और रीढ़ में किसी तरह की कमजोरी या शिथिलता नहीं हो।
  • शरीर के अन्य किसी हिस्से में कोई बहुत गंभीर चोट नहीं हो।

कभी–कभी डॉक्टर गर्दन से कॉलर को हटाने के पहले गर्दन का निरक्षण कर उसके इंज्यूरी का पता लगाता है, एक्स–रे कराके पहले गर्दन के स्थिति का जायजा ले लेता है, जैसे

  • मरीज़ के दोनो हाथ, बांह और पांव के शारीरिक ताकत का पता लगाना।

  • शरीर के त्वचा और विभिन्न हिस्सों को छूकर मरीज के सेंस या होश में होने का पता लगाना।
  • हाथ और पांव के दोनों जोड़ों के फैलाव।
  • गर्दन और उसके पिछले हिस्से में दर्द और शिथिलता ।
  • सर और गर्दन पर किसी बाहरी तौर पर कटने, फूटने और चोट के निशान।

इसके जांच में निम्नलिखित चीजे शामिल हो सकती है

  • गर्दन का एक्स–रे : गर्दन का एक्स–रे कर यह जांच की जाती है कि गर्दन में कोई गंभीर अंदरूनी चोट तो नहीं है।
  • सीटी स्कैन, कंप्‍यूटर टोमोग्राफी और एमआरआई, मैगनैटिक रिजोनैंस इमेजिन: यह तब किया जाता है जब डॉक्टर गर्दन और रीढ की हड्डी में कोई गंभीर चोट या खतरा होने का अनुभव करता है।

 

उपचार

 

आपका डाक्टर उपचार के  लिए एक पूरी योजनाबद्ध सलाह दे सकता है जिसमें निम्नलिखित तरीके शामिल हो सकते है

  • सर्वाइकल कालर: व्‍हिपलैश के...
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