वैज्ञानिकों ने बनाई कृत्रिम लाल रक्त कोशिकाएं

By  ,  दैनिक जागरण
Feb 01, 2011

प्रजनन केंद्रों के आईवीएफ भ्रूणों से वैज्ञानिकों ने पाई अनोखी कामयाबी

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने ऐसी कामयाबी हासिल कर ली है कि  आने वाले दिनों में खून की कमी के कारण किसी की मौत नहीं होगी। उन्होंने मानव की भ्रूणीय कोशिकाओं से लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इसके साथ ही चिकित्सा में इस्तेमाल किए जाने वाले कृत्रिम ओ-निगेटिव रक्त के जल्द निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस ग्रुप का खून किसी भी मरीज को बगैर किसी डर के चढ़ाया जा सकता है। इसका कृत्रिम  निर्माण चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत बड़ी कामयाबी होगी।


ओ-निगेटिव रक्त के विकल्प की खोज के लिए तीन अरब पौंड (करीब दो सौ उन्नीस अरब रुपये) की इस परियोजना के तहत वैज्ञानिकों ने 'इन विट्रो फर्टिलाइजेशन' (आईवीएफ) भ्रूणों से प्राप्त स्टेम कोशिकाओं से लाल रक्त कोशिकाएं बनाई हैं। आईवीएफ गर्भाशय के बाहर बच्चा पैदा करने की तकनीक है।


ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की खबर के मुताबिक शोध में वैज्ञानिकों ने प्रजनन क्लिनिकों में पड़े सौ से भी अधिक भ्रूण कोशिकाओं की मदद से कृत्रिम रक्त तैयार किया। वैज्ञानिकों ने इन भ्रूणों से स्टेम कोशिकाओं की पंक्तियां तैयार कीं। ऐसी ही एक पंक्ति 'आरसी-7'  को रक्त की स्टेम कोशिका में परिवर्तित किया गया। इसके बाद इसे ऑक्सीजन वहन करने वाले हीमोग्लोबिन युक्त लाल रक्त कोशिका में बदला गया।


एडिनबर्ग स्थित स्कॉटिश ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस के निदेशक प्रोफेसर मार्क टर्नर ने कहा कि औद्योगिक पैमाने पर कृत्रिम रक्त के निर्माण से रक्त की कमी की समस्या दूर हो सकती है।

 

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