विल्म्स ट्यूमर का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 26, 2013
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उचित चिकित्सा के साथ विल्म्स ट्यूमर के बहुत से मरीज़ों में कैंसर का इलाज सम्भव हो पाया है।

लम्बे समय तक जीवित रहने की दर लगभग 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा रहती है। लेकिन वो बच्चे जो विल्म्स ट्यूमर जैसी समस्या से ग्रसित होते हैं, उनपर थेरेपी के कुछ अतिरिक्त प्रभाव होते हैं। इनसे कीमोथेरेपी और रेडियेशन थेरेपी किडनी, हृदय, लीवर की क्षति के कारक बनते हैं। सामान्यत: वो मरीज़ जिनमें कि किडनी का कैंसर पाया गया है और चिकित्सा से ठीक हो गया है उन्हें आजीवन इस बीमारी से बचने के लिए स्वयं की निगरानी करने की आवश्यकता होती है। आइए जानें विल्‍म्‍स ट्यूमर का पूर्वानुमान किन बातों से लगाया जा सकता हैं।

विल्म्स ट्यूमर का पूर्वानुमान

  • जन्‍म दोष - बच्चे जिनमें जन्म दोष होता है, उनमें विल्म्स ट्यूमर के होने की सम्भावना अधिक रहती है
  • आनुवंशिक कारण - आपके परिवार में पहले किसी को विल्म्स ट्यूमर या किसी प्रकार का कैंसर हुआ है या किसी करीबी रिश्तेदार को कम उम्र में यह समस्या हुई हो। तो इसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
  • पेट में सूजन - विल्म्स ट्यूमर का पूर्वानुमान तब भी लगाया जा सकता है जब 3 साल तक के बच्चे को नहलाते या कपड़े पहनाते समय उसके पेट में सूजन या गांठ सी दिखे।

 

विल्म्स ट्यूमर से बचाव

विल्‍म्‍स ट्यूमर बच्चों में किडनी के कैंसर का सबसे आम प्रकार है। यह ज्‍यादातर बचपन और 15 साल के बीच के बच्चों में पाए जाते हैं, लेकिन ज्यादातर 3 से 4 साल के आयु वर्ग के युवा बच्चों को ज्‍यादा प्रभावित करता हैं। इस ट्यूमर की घटनाओं में 5 साल की उम्र के बाद कम हो जाती है और वयस्कों में दुर्लभ है। इस कैंसर का सही कारण ज्ञात नहीं है। विल्म्स ट्यूमर का सामान्य तौर पर कोई उपचार नहीं है।




विल्म्स ट्यूमर की संभावित अवधि

विल्म्स ट्यूमर तबतक बढ़ता है जबतक कि इसकी चिकित्सा नहीं हो जाती। उचित उपचार के बिना कैंसर फेफड़ों, लीवर और शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकता है।

 


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