लाइफपार्टनर से अच्छा है बॉस कम टेंशन देता है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 14, 2013

अगर आप रोज ऑफिस में बॉस की डांट सुनकर उसे तनाव का सबसे बड़ा कारण मानते हैं, तो आप गलत हो सकते हैं। घर में जो आपका जीवनसाथी है, वह बॉस से ज्यादा अझेल है। ऐसा दावा है एक अध्ययन का। इसमें कहा गया है कि ऑफिस में बॉस की फटकार से उतना तनाव नहीं पैदा होता, जितना घर में पति या पत्‍‌नी के साथ होने वाले झगड़े में होता है।

ब्रिटेन में तीन हजार लोगों पर यह अध्ययन किया गया। इसके अनुसार, व्यक्ति के स्वास्थ्य लिए उसके घर से बेहतर कुछ नहीं होता। लेकिन दिमाग को आराम देने की बात आए, तो घर से बेहतर ऑफिस है।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि पतियों का ब्लड प्रेशर अन्य कारणों की तुलना में, पत्नियों की वजह से अधिक बढ़ता है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 58 फीसदी लोगों ने माना कि उनके जीवनसाथी के कारण ही वे अधिक दबाव महसूस करते हैं।

'डेली मेल' की खबर के अनुसार, केवल 43 फीसदी लोग ही बॉस को अपने तनाव का कारण मानते हैं। 18 फीसदी महिलाओं का कहना है कि उनके तनाव की सबसे बड़ी वजह उनके पति हैं।

इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनी फिलिप्स ने यह सर्वेक्षण कराया। सर्वेक्षण यह भी बताता है कि महिलाएं अपनी आमदनी के मुकाबले अपने वजन को लेकर अधिक चिंतित रहती हैं। करीब 50 फीसदी महिलाओं ने कहा कि उनके लिए उनका वजन संतुलित रखना सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं, महज 27 फीसदी महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपनी तनख्वाह की अधिक फिक्र रहती है। इसके विपरीत महज 36 फीसदी पुरुष अपने वजन पर वेतन के मुकाबले अधिक ध्यान देते हैं।

अब मर्दो के लिए भी बनी गर्भनिरोधक गोली!

  • संभवत: अब महिलाओं की शिकायत खत्म हो जाएगी। पुरुष भी परिवार नियोजन के मामले में उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर जिम्मेदारी उठाएंगे। इजरायली वैज्ञानिकों ने पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली विकसित करने में सफलता पा ली है। इससे पहले 'मर्दो की गोली' बनाने के प्रयास नाकाम रहे थे। प्रायोगिक तौर पर इनका इस्तेमाल करने वालों ने अवसाद और कामेच्छा खत्म होने की शिकायत की थी। परंतु 'डेली एक्सपे्रस' ने इजरायली वैज्ञानिकों की सफलता की कहानी प्रकाशित की है। इन वैज्ञानिकों ने शुक्राणुओं की जैव रसायन मशीनरी को अवरुद्ध कर यह गोली बनाई है। जिसके तहत शुक्राणुओं के उन महत्वपूर्ण प्रोटीन को हटा दिया गया है, जो महिला के गर्भधारण के लिए जरूरी होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गोली तीन महीने में केवल एक बार लेनी होगी। यह गर्भधारण को रोकने में सौ प्रतिशत प्रभावी है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। बार-एलन यूनिवर्सिटी के प्रमुख वैज्ञानिक हैइम ब्रेटबर्ट के हवाले से ब्रिटिश अखबार ने लिखा है, 'जो गोली हम विकसित कर रहे हैं, यह पुरुषों को यौन आनंद देती है और वह भी बिना किसी परिणाम के।'
  • बात है विश्वास की : पुरुषों के लिए भले प्रभावी गर्भनिरोधक गोली विकसित कर ली गई हो। परंतु एक सर्वेक्षणों में पता चला है कि महिलाओं को गर्भनिरोध के मामले में अब भी खुद पर ही ज्यादा भरोसा है। सर्वे में अधिकतर महिलाओं ने कहा कि यदि हर रोज गर्भनिरोधक गोली लेनी हो, तो वे परिवार नियोजन की जिम्मेदारी पुरुषों को देने के बजाय, इसे खुद उठाना बेहतर समझेंगी।


लेकिन क्या वे इस बात पर भरोसा करेंगी कि पुरुष की इस बात पर विश्वास करेंगी कि उसने गर्भनिरोधक गोली ली है? प्रोफेसर ब्रेटबर्ट ने कहा, 'मैं समझता हूं कि अधिकतर महिलाएं इस मामले में अपने साथी पुरूष पर भरोसा करेंगी।'

बढ़ती उम्र के साथ सही खानपान जरूरी

बढ़ती उम्र के साथ शरीर को पोषक तत्वों की आवश्यकता अधिक होती है। इस अवस्था में शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों की वृद्धि धीमी हो जाती है। इस कारण प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। पेट में गड़बड़ी, हड्डियों और मांसपेशियों का कमजोर होना, थकान और शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसी समस्या आने लगती है। साथ ही डायबिटीज, ऑस्टियोपोरेसिस (हड्डियों का कमजोर होना), गठिया, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि आप खानपान में कटौती करने लगें। कम खानपान के बजाए सही तरीके से खाने से स्वस्थ रहा जा सकता है।

खानपान के टिप्स

  • उम्र के साथ शरीर में विटामिन, प्रोटीन, मिनरल, कार्बोहाइड्रेट और तरल पदार्थ की मांग में बदलाव आने लगता है। इसलिए इन पोषक तत्वों को इस तरह खाना चाहिए कि आसानी से पच जाएं। दिन में थोड़ा-थोड़ा कर कई बार खाएं। इससे पाचन ठीक रहता है और थकान नहीं होती।
  • कमजोर मांसपेशियां, सफेद और गिरते बाल, चेहरे पर पड़ती झुर्रियां, खांसी और जुकाम होना आम है। अत: विटामिन ई, सी, ए और मिनरल युक्त पोषक तत्वों को खानपान में जरूर शामिल करें।
  • खाने में दो से तीन मौसमी फलों को शामिल करें। यह एंडीआक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और कब्ज को रोकने में मददगार होते हैं।
  • अंडे की सफेदी प्रोटीन का अच्छा स्रोत होती है। शाकाहारी कम वसायुक्त दूध से तैयार पनीर खा सकते हैं।
  • खाने में सरसों या जैतून का तेल इस्तेमाल करें। यह कोलेस्ट्राल को बढ़ने से रोकता है।
  • घर के बाहर निकलते समय अपने साथ स्नैक ले कर जाएं ताकि बाहरी खानपान से बच सकें।
  • पोटेशियम युक्त पदार्थ जैसे जीरा, मुसम्मी, मेथी के बीज और नारियल पानी को खाने में शामिल करें।
  • रोटी को नरम बनाने के लिए आटे में दही मिलाकर माढ़े।
  • नाश्ते में दलिया खाएं।
  • डीहाइड्रेशन से बचने के लिए दिन में करीब 15 गिलास पानी पिएं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • किसी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

दिल के लिए अच्छा नहीं है ज्यादा टीवी देखना

अत्यधिक टीवी देखना आपके दिल के लिए खतरनाक हो सकता है। एक नए शोध में दावा किया गया है कि हर घंटे टीवी देखने के साथ हृदय रोग से मृत्यु की आशंका सात प्रतिशत तक बढ़ जाती है। प्रति दिन चार घंटे तक टीवी देखने वालों में यह खतरा 28 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

'मेडीकल रिसर्च काउंसिल' (एमआरसी) द्वारा किए गए शोध के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव लाकर हृदय रोग से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है।

एमआरसी के शोधकर्ताओं ने करीब एक दशक तक 13,197 स्वस्थ स्त्री-पुरुषों पर अध्ययन किया। शोध के दौरान 373 प्रतिभागियों की मौत दिल की बीमारी से हुई। शोधकर्ताओं ने पाया कि दिल की बीमारी से होने वाली मौतों और टीवी देखने के बीच महत्वपूर्ण संबंध है।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक,  प्रतिदिन चार घंटे टीवी देखने के समय को घटाकर एक घंटे करके मृत्यु की आशंका को दूर किया जा सकता है। सह-अध्ययनकर्ता डॉ. कैटरीन विजनडेली के मुताबिक, हमारा शरीर लंबी अवधि तक बैठने के लिए अनुकूल नहीं होता इसलिए हमें इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। लंबी अवधि तक टीवी देखने से दिल की बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

जानें फलों के गुण

प्रतिदिन फल खाने से कई बीमारियों के होने की आशंका कम होती है। यह ऐसा स्नैक है जिसे कभी भी खाया जा सकता है। आज आपको बता रहे हैं किस फल में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

आम : इसमें विटामिन सी और ई, पोटैशियम और आयरन पाया जाता है। यह शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। इसमें पाए जाने वाले तत्व आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। यह एंटीआक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है।

सेब-डॉक्टरों के मुताबिक रोज एक सेब खाने से पाचन क्रिया ठीक रहता है। इसमें काफी मात्रा में विटामिन होते हैं। इस खाने से कोलोन कैंसर, प्रोस्टेंट, फेफड़ों का कैंसर और कोलेस्ट्रोल बढ़ने का खतरा कम करता है।

आलूबुखारा : यह मीठा और जूस से परिपूर्ण फल होता है। इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह कैंसर प्रतिरोधी होता है। इसके नियमित इस्तेमाल से दिल की बीमारी को दूर रखा जा सकता है।

पपीता : इसमें एंटी आक्सीडेंट, खनिज पदार्थ और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

तरबूज : गर्मियों के दौरान इसे खाने में जरूर शामिल करें। इसमें कोलेस्ट्राल नहीं होता। यह आंखों के लिए भी उपयोगी होता है।

केला : यह डिप्रेशन, एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर और कब्ज में लाभकारी है। इसे खाने से फौरन ताकत मिलती है। यह आपके मूड को भी अच्छा बनाए रखता है।

 

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