रोगों से बचाता है शरीर में बैठा 'फिल्म निर्देशक'

By  ,  दैनिक जागरण
Nov 11, 2010

हम सबके शरीर के अंदर एक माहिर 'फिल्म निर्देशक' बैठा होता है, जो हमें बीमारियों से बचाता है। यह हमारे जीन के गैर-जरूरी हिस्से को काटकर अलग कर देता है और फिर बाकी हिस्से को जोड़ देता है। ठीक वैसे ही जैसे कोई कुशल फिल्म निर्देशक अपनी फिल्म के साथ करता है।


अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हमारे शरीर के अंदर बैठे इस 'फिल्म निर्देशक' को वैज्ञानिक शब्दावली में 'स्प्लाइसियोसोम' कहा जाता है। पहले यह माना जाता था कि जीन के गैर-जरूरी हिस्से को अलग करने और बचे हुए हिस्सों को दोबारा जोड़ने में सिर्फ स्प्लाइसियोसोम की ही भूमिका होती है, लेकिन ताजा शोध से पता चला है कि हमारे शरीर की मरम्मत करने वाले प्रोटीन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार आरएनए (राइबो न्यूक्लिक एसिड) भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता है।


शोधकर्ताओं के मुताबिक अगर स्प्लाइसियोसोम ने आरएनए में मौजूद जीन को गलत जगह से काट दिया तो हमारा शरीर रोगग्रस्त हो जाता है। ठीक उसी तरह जैसे एक फिल्म निर्देशक अगर अपनी फिल्म के फूटेज को सही जगह पर काट और जोड़ नहीं पाएगा, तो उसकी फिल्म हिट नहीं होगी।

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