रेकी की सीमाएं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009

अनेक प्रकार के रोग पाए जाते हैं, यद्यपि उन सभी के लक्षण अलग अलग होते हैं, लेकिन उनके रोगजनक घटक समान ही होते हैं ! विभिन्न प्रकार की ऋतुएँ, मौसम, उम्र, लिंग और शारीरिक बनावट की वज़ह से एक ही रोग अलग अलग लक्षण और सूचनाएं दे सकता है ! ऊपरी बातों को ध्यान में रखते हुए एक रोग को विभिन्न तरीकों द्वारा उपचार और एक तरीके से विभिन्न रोगों का इलाज का चिकित्सा संबंधी सिद्धांत उपयोग में लाया जाने लगा है !

१-        एक समान रोग का अलग अलग तरीकों से इलाज करना –

एक समान रोग विभिन्न लक्षणों से संबंधित हो सकता है, इसीलिए इसका इलाज अलग अलग तरीकों से किया जा सकता है ! यह वह नियम है, जो एक समान रोग का अलग अलग तरीकों से इलाज करने के सिद्धांत पर आधारित है !

२-       भिन्न भिन्न रोगों का एक ही तरीके से उपचार करना –

 

यद्यपि अनेक रोगों के स्थान और लक्षण विभिन्न होते हैं, इनके रोगजनक घटक समान ही होते हैं ! इस मामले में समान रोगजनक घटकों को समान चिकित्सा संबंधी उपचार से ठीक किया जा सकता है ! एक ही तरीके से अलग अलग रोगों के उपचार के लिए यह एक सैद्धांतिक आधार है !

इस भाग में, एक्यूपंक्चर और मोक्सीब्सटन के उपचार को ४ अवस्थाओं में दिया गया है ! यह आरोग्य के प्रभाव को सुधारने के साथ साथ क्लिनिकल ट्रीटमेंट का मार्गदर्शन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा !

 

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