रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर से बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 13, 2013

अगर आदमी किस भी प्रकार के कैंसर से जूझ रहा है तो वह रीढ़ की हड्डियों तक फैल सकता है। लेकिन अगर स्‍पाइनल कैंसर का समय पर निदान हो जाए तो इसकी चिकित्‍सा हो सकती है। कैंसर का कोई मरीज अगर घर में है तो घर के अन्‍य सदस्‍य उसका शिकार हो सकते हैं।

रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर असामान्य कोशिकाओं के ढेर होते हैं जो रीढ़ की हड्डी, इसकी सुरक्षा परतों या रीढ़ की हड्डी को आवरित करने वाली परत की सतह पर विकसित होते हैं। स्पाइनल ट्यूमर्स नियोप्लाज़्म नाम के नये ऊतकों की अस्वाभाविक वृद्धि हैं।

सामान्‍यत: रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर की रोकथाम नही की जा सकती है लेकिन अगर कैंसर के अन्‍य प्रकार से ग्रस्‍त कोई मरीज है तो उसे रीढ़ की हड्डी तक फैलने से रोका जा सकता है। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे रीढ़ की हड्डी के कैंसर से बचा जा सकता है।


स्‍पाइनल ट्यूमर से बचाव -

अन्‍य कैंसर की रोकथाम से -
यदि अन्‍य कैंसर जैसे - फेफड़े का कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर, माउथ कैंसर आदि को बढ़ने से रोक दिया जाए तो स्‍पाइनल कैंसर के होने की संभावना कम होती है। अगर शुरूआती स्‍टेज पर ही इसका पता चल जाए तो इलाज संभव है।



आनुवांशिक कारण -

यदि बिनाइन ट्यूमर परिवार में पहले भी किसी को हो चुका है तो अन्‍य सदस्‍य भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। प्राइमरी रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का कारणों का अभी तक पता नही चल पाया है। जांच के तहत संभावित कारणों में दोषपूर्ण जीन, वायरस और रसायन शामिल भी शामिल हैं। इसलिए अगर घर में पहले यह बीमारी किसी हो है तो कैंसर की जांच करा लीजिए।


लाइफस्‍टाइल में बदलाव -

भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की देखभाल करने का वक्‍त नही मिल पाता जिसके कारण आदमी कैंसर जैसे भयानक रोगों का शिकार हो जाता है। खान-पान में अनियमितता, पौष्टिक आहारों की कमी, फास्‍ट फूड के ज्‍यादा प्रयोग करने के कारण इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो जाता है जिससे कई बीमारियां हो जाती हैं जिसमें कैंसर भी शमिल है। इसलिए स्‍पाइनल कैंसर से बचने के लिए लाइफस्‍टाइल में बदलाव लाइए।


धूम्रपान छोड़कर -
सिगरेट पीने से लंग कैंसर, हार्ट अटैक और कई दूसरे कैंसर होने के चांस बढ़ रहे हैं। सिगरेट का धुआं इंसान के डीएनए को भी नुकसान पहुंचाता है। बाद में यही कैंसर के सेल्‍स रीढ़ की हड्डी को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए स्‍पाइनल कैंसर से बचने के लिए सिगरेट और तंबाकू का सेवन करने से बचें।

 

पौष्टिक डाइट चार्ट बनायें -
कैंसर के सेल्‍स को बढ़ने से रोकने में पौष्टिक आहार का महत्‍वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए खाने ज्यादा से ज्यादा पत्तेदार सब्जियां, चना और फल खाने की कोशिश करें। सब्जियों और फलों में फाइबर मौजूद होता है जो रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है। यह कई प्रकार के कैंसर से लड़ने में मददगार होता है। फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, एवोकाडो, गाजर जैसे फल और सब्जियां जरूर खाएं।


सबसे अहम बात कि अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। ज्यादा भावुक होना भी कैंसर को न्यौता देना है। आप अगर पौष्टिक आहार ले भी रहे हैं और आप भावनात्मक रूप से कमजोर हैं तो पौष्टिक आहार भी अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगा। इसलिए कैंसर फोबिया को खुद पर हावी न होने दें।

 

 

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