यूटेराइन कैंसर का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 11, 2013
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uterine cancer ka purvanumanयूटेराइन कैंसर का पूर्वानुमान निम्न चीजों पर निर्भर करते हैं।

  • कैसर किस स्टेज पर है व उसके आकार पर।
  • मूत्रमार्ग में कैंसर सबसे पहले कहां बना।
  • मरीज कि सेहत
  • अगर कैंसर का अभी-अभी निदान हुआ है या फिर वह दुबारा से हुआ है।

यूटेराइन कैंसर के उपचार से पहले कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है।

  • कैंसर के चरण और मूत्रमार्ग में उसकी जगह।
  • मरीज का लिंग और उसकी सेहत।
  • अगर कैसर का अभी अभी निदान हुआ है या फिर वह दुबारा से हुआ है।

कैसर के चरण

  • मूत्रमार्ग के कैंसर का निदान होने के बाद यह देखने के लिए कि कैंसर कोशिकाए शरीर में कहां-कहां फैल गयी है इसके लिए जांच कि जाती है।
  • वह प्रक्रिया जो कि यह देखने के लिए कि जाती है कि कैंसर कोशिकाएं मूत्रमार्ग और शरीर के अन्य हिस्सों मे फैली है कि नही उसे स्टेजिंग कहते हैं। स्टेजिंग प्रक्रीया से जो जानकारी मिलती है उसे वो कैंसर का चरण निर्धारित करती है। उपचार की रूपरेखा बनाने के लिए बिमारी का चरण जानान जरूरी है। स्टेजिन्ग जानने के लिए निम्न प्रक्रिया उपयोग कि जाती है।


छाती का एक्स रे

छाती के अन्दर कि हड्डियो और अंगो एक्स रे। एक्स रे एक प्रकार कि ऊर्जा किरण होती है जो कि शरीर से जाकर एक झिल्ली मे शरीर के अन्दर के अंगो कि तस्वीर बना देते हैं।


श्रोणीय और पेट का सी.टी स्कैन (कैट स्कैन)


एक प्रक्रिया जो कि श्रोणीय और पेट कि तस्वीरो कि एक श्रृखंला बना देती है जो कि अलग अलग कोण से ली जाती है।यह तसवीरे एक गणनायन्त्र जो कि एक एक्स रे मशीन से जुडी हुयी रहती है उसके द्वारा बनाई जाती है।एक शिरा मे कोई रंगक या फिर वह रंगक निगला जाता है ताकि अन्दरूनी अंग साफसाफ दिख सके।यह प्रक्रीया कम्पयूटिड टोमोग्राफी, कम्पयूटराइस्ड टोमोग्राफी या कम्पयूटराइस्ड एक्सिअल टोमोग्राफी कहा जाता है।


एम.आर.आई (मेगनेटिक रिसोनेन्स इमेजिन्ग)


एक प्रक्रिया जो कि एक चुम्बक, रेडियो तरंगे, और एक गणनायंत्र का उपयोग करता है और मूत्रमार्ग , आसपास कि लसिका ग्रंथी और श्रोणीय के दूसरे कोमल अंग और हड्डियो कि विस्तृत तसवीरो कि श्रृखंला बनाता है।एक गडोलिनियम नाम का पदार्थ मरीज कि एक शिरा मे डाल दिया जाता है। गडोलिनियम कैसर कोशिकाओ के आसपास इकट्ठा हो जाता है ताकि तसवीरो मे वे चमकीले दिखाई दे। इस प्रक्रीया को नयूक्लीयर मेगनेटिक रिसोनेन्स इमेजिन्ग (एन.एम.आर.आई) भी कहते है।


रूधिर रसायनिक अध्ययन


एक प्रक्रिया जिसमे एक खून के नमूने कि जाँच कि जाती है ताकी कुछ पदार्थ जो कि रूधिर मे अंगो और ऊतको से निकलते है उनकी जाँच हो सके।एक असामान्य पदार्थ कि मात्रा (सामान्य से कम या ज्यादा) उस अंग या ऊतक की बिमारी का संकेत हो सकता है जिससे वह निकला है।


पूर्ण रूधिर गणना (सी.बी.सी)


एक प्रक्रिया जिसमे रूधिर का एक नमूना निकाला जाता है और उसकी जाँच कि जाती है।

  • लाल रूधिर कोशिकाओ, श्वेत रूधिर कोशिकाओ और पलेटलेटस की संख्या
  • लाल रूधिर कोशिकाओ मे हिमोग्लोबिन (एक प्रटीन जो कि आक्सीजन ले कर जाता है) की मात्रा
  • खून के नमूने का वो भाग जो कि लाल रूधिर कोशिकाओ से बना है।

मूत्रमार्ग के कैसर का चरण मूत्रमार्ग के प्रभावित हिस्से के अनुसार होता है।उपचार भी इसी वर्ग के अनुसार होता है।
मूत्रमार्ग के कैसर का चरण और उपचार मूत्रमार्ग के प्रभावित हिस्से के अनुसार होता है और कितनी गहराई मे यह अर्बुद मूत्रमार्ग के ऊतको के आसपास फैल गया है। मूत्रमार्ग का कैसर का वर्णन पूर्ववर्ती और उत्तरकालीन मे किया जा सकता है।


पूर्ववर्ती मूत्रमार्ग कैंसर


पूर्ववर्ती मूत्रमार्ग कैंसर मे अर्बुद गहराई तक नही फैलते है और वे मूत्रमार्ग के उस हिस्से को प्रभावित करते है जो कि शरीर के बाहर की तरफ से सबसे पास होता है।


उत्तरकालीन मूत्रमार्ग कैंसर


उत्तरकालीन मूत्रमार्ग कैंसरो मे अर्बुद गहराई तक फैलते है और वे मूत्रमार्ग के उस हिस्से को प्रभावित करते है जो कि मूत्रासय के सबसे पास होता है। महिलाओ मे मूत्रमार्ग प्रभावित हो सकता है। पुरूषो मे प्रोस्टेट ग्रन्थि भी प्रभावित हो सकती है।

 

 

 

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