मां का धूम्रपान बनाता है बच्चे को अपराधी

By  ,  सखी
Feb 04, 2011

हालांकि सिगरेट पीना हर एक के लिए नुकसानदेह है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान सिगरेट पीने के नुकसान आपके साथ आपके बच्चे को भी होते हैं। सिगरेट पीने वाली महिलाओं को शायद ही इसका अंदाज होगा कि उनकी इस आदत का असर उनके बच्चे पर भी पड सकता है।


एक शोध के अनुसार गर्भावस्था के दौरान प्रतिदिन 20 सिगरेट पीने वाली महिलाओं के बच्चों को आगे चलकर अपराधी बनने का खतरा रहता है। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसी माताओं के बच्चों के बडे होने के दौरान उनके बार-बार अपराध करने का खतरा रहता है। जर्नल ऑफ एपिडमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ के मुताबिक इस अध्ययन में बच्चों को अपराध के रास्ते पर ले जाने वाले मानसिक अस्वस्थता और अभाव की स्थिति जैसे कारकों पर ध्यान दिया गया। इन कारकों के बाद तीसरा कारक बच्चों के माता-पिता का अत्यधिक धूम्रपान करना है। ऐसे अभिभावकों के बच्चों के वयस्क होने के साथ ही अपराधों में उनके लिप्त होने का खतरा बढ जाता है।


इससे स्पष्ट होता है कि गर्भ में सिगरेट के धुएं के संपर्क में आने से उसमें विकसित होने वाले शिशु का मस्तिष्क प्रभावित हो सकता है। धूम्रपान से बच्चों के व्यवहार और आवेगों व ध्यान को नियंत्रित करने वाले रासायनिक संकेतों का संचरण प्रभावित होता है।


हार्वर्ड स्कूल की एंजेला पैरेडिस के नेतृत्व में चार हजार वयस्कों में यह अध्ययन किया गया था। इन वयस्कों के 33 से 40 वर्ष के होने तक उन पर नजर रखी गई। अध्ययन में 1959 से 1966 के दौरान मां बनने वाली महिलाओं को सूचीबद्ध किया गया। साथ ही गर्भावस्था के दौरान उनकी धूम्रपान संबंधी आदतों की जानकारी जुटाई गई। अत्यधिक धूम्रपान करने वाली महिलाओं की श्रेणी में प्रतिदिन 20 या इससे अधिक सिगरेट पीने वाली महिलाओं को शामिल किया गया।

Loading...
Is it Helpful Article?YES11195 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK