महिलाओं में बोन कैंसर के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 05, 2013
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उम्र ज्यादा होने के साथ-साथ शरीर में कई प्रकार के रोगों की शुरूआत होना लाजमी है। उम्र ढलने के साथ ही हड्डियों में दर्द होना भी सामान्य बात हो जाती है। लेकिन उम्र से पहले हड्डियों में दर्द होना सामान्य नहीं है। लगातार हड्डियों में दर्द बना रहना बोन कैंसर का संकेत है।

 

mahilao me bone cancer ke lakshan महिलाओं में वजन को कम करने की होड सी मची होती है, जिसकी वजह से हड्डियां समय से पहले कमजोर होने लगती हैं। महिलाओं में जब बोन कैसर की शुरूआत होती है तो उसे प्राइमरी बोन कैंसर कहा जाता है। बोन कैंसर ज्यादातर पैर और हाथों से शुरू होता है लेकिन यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है।

 

[इसे भी पढ़ें : बोन कैंसर की शुरूआत कैसे होती है]



महिलाओं में बोन कैंसर के लक्षण


हड्डियों में दर्द

महिलाओं में हड्डियों में दर्द होना बोन कैंसर के शुरूआती लक्षण हैं। पहले हड्डियों में बहुत हल्का दर्द शुरू होता है जिसकी तरफ महिलाओं का ध्यान अक्सर नहीं जाता है। हड्डियों का दर्द रात में तेज हो जाता है। अक्सर यह लगता है कि यह दर्द मोच या मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से आया है जो कि खतरनाक हो सकता है। ज्यादातर सामान्य बोन कैंसर (आस्टियो सारकोमा) महिलाओं को 20 साल के आसपास या 20 साल की उम्र पार करने के बाद प्रभावित करता है। कुछ बोन कैंसर अक्सर काफी हद तक खतरनाक हो सकते हैं जिनकी वजह से हड्डियों का दर्द बहुत बढ सकता है जो कि कभी-कभी असहनीय हो जाता है।

 

[इसे भी पढ़ें : पुरूषों में बोन कैंसर के लक्षण]

 

वजन कम होना 

बोन कैंसर में महिलाओं का वजन अपने-आप घटने लगता है। एक महीने में बिना खाना-पीना छोडे और कोई व्यायाम किए हुए लगभग 10 किलो वजन का घटना इसका प्रमुख लक्षण है।

 

त्वचा की सूजन

हाथ, पैर या शरीर के जिस हिस्से में बोन कैंसर होता है वहां की त्वचा सूजने लगती है। त्वचा के रंग में भी बदलाव आने लगता है।

 

पीरियड्स में दिक्कत

महिलाओं में बोन कैंसर होने पर मासिक धर्म में दिक्कत शुरू हो जाती है। माहवारी आने से पहले ही ब्लीडिंग होना, माहवारी का अनियमित होना बोन कैंसर का लक्षण है।

 

[इसे भी पढ़ें : बोन कैंसर की चिकित्सा कैसे करें]

 

पेशाब करने में दिक्कत

बोन कैंसर के कारण आंत और मूत्राशय प्रभावित होते हैं। हड्डी के कैंसर में 60 साल की उम्र पार करने के बाद पेशाब करने में दिक्कत शुरू होती है और इसका सबसे खराब प्रभाव श्रोणि की हड्डी (पेल्विक बोन) में होता है। बार-बार पेशाब लगना और बार-बार पेशाब करने से बोन कैंसर बहुत तेजी से फैलने लगता है। रीढ की हड्डी में फैला ट्यूमर पेशाब और शौच क्रिया को अनियमित कर देता है।

 

 

भूख न लगना

बोन कैंसर होने पर भूख नहीं लगती है। खाना खाने की इच्छा नहीं होती है। खाना भी अच्छे से नहीं पच पाता जिसकी वजह से कब्ज और पेट में गैस बनने लगती है।

 

 

थकान और बुखार

महिलाओं में बोन कैंसर होने पर हड्डियों में हमेशा दर्द रहता है। हल्का सा चलने और काम करने में थकान महसूस होने लगती है। शरीर में अक्सर हल्का फीवर रहता है और बोन कैंसर ज्यादा प्रभावी होने पर बुखार तेज हो जाता है।

 



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