मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट टीबी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 21, 2012

multi drug resistant tb

तपेदिक जैसी संक्रामक बीमारी तब और भी अधिक हानिकारक हो सकती है जब पहले से ही रोगी किसी अन्य रोग से ग्रसित हो। यह रोग कोई भी हो सकता है यानी डायबिटीज, कैंसर, एड्स और यहां तक की गर्भावस्था जैसी स्थिति भी। रोगी यदि इनमें से किसी भी स्थिति से गुजर रहा है और उसको टी.बी हो जाता है तो यह मरीज के लिए जोखिम कारक की स्थिति हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं टी.बी.का उपचार संभव है और टी.बी के उपचार के लिए कई तरह की उपचार प्रणाली अपनाई जाती हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि किन स्थितियों में कौन सी उपचार प्रणाली अपनाई जाती है, क्या टी.बी में मरीजों के लिए एक जैसा ही उपचार होता है या अलग तरह का भी होता है। मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टीबी कब अपनाया जाता है, किस तरह के रोगियों को ये ट्रीटमेंट दिया जाता है। यह सब बातें जानने के लिए सबसे पहले जानें कि मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट(एमडीआर)टीबी क्या है, यह काम कैसे होता है।

  • मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टीबी में रिफैम्पिसीन, आइसो नियाजाइड, पाइरिजिनामाइड, इथैम्ब्यूटॉल जैसी दवाओं का मरीज पर असर होना बिल्कुल बंद हो जाता है।
  • क्या आप जानते हैं मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टीबी के दौरान मरीज का इलाज लगभग 24 से 27 महीने तक चलता है।
  • मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टीबी ट्रीटमेंट करने के लिए मरीज को कैट 4 के तहत डॉट-प्लस के लिए एक सप्ताह तक एडमिट किया जाता है, उसके बाद लीवर, किडनी, मेंटल हेल्थ, कान इत्यादि की जांच नियमित रूप से होती है रोगी की स्थिति के अनुसार उसका घर जाना तय होता है। यदि मरीज को घर भेजा जाता है तो उसकी हर महीने डीटीसी द्वारा स्‍वास्‍थ्‍य जांच की जाती है।
  • मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर)टी.बी के इलाज में कैट 1 और कैट 2 के अंर्तगत नियमित रूप से लगभग एक से डेढ़ साल तक दवाएं दी जाती हैं। यदि इलाज के दौरान रोगी की स्पुटम जांच सकारात्मक यानी पॉजिटिव आती है तो एमडीआर के तहत खखार को डॉट्स सेंटर भेजा जाता है। वहां विशेषज्ञ यानी लैब के तकनीशियंस खखार के स्वरूप और उसकी संवेदनशीलता की जांच के लिए आरएनटीसीपी की निर्देशिका पुस्तिका के तहत जांच की प्रक्रिया अपनाते हैं। जिसमें फै‍ल्कॉन ट्यूब में खखार को संग्रहित कर प्रयोगशाला में जांच की जाती है।
  • इतना ही नहीं जब तक जांच की पूरी प्रक्रिया चलती रहती है तब तक मरीज को टी.बी. के डॉक्ट्र्स की देख रेख में कैट 2 के तहत दवाएं देते रहना चाहिए। 
  • दरअसल, टी.बी जांच के दौरान मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टी.बी. की पहचान की जाती है। जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता है कि टी.बी से ग्रसित रोगी मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टी.बी. का शिकार है, तब तक उसका ट्रीटमेंट सामान्य टी.बी. के ट्रीटमेंट की ही तरह चलता है।
  • हालांकि मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टी.बी. की जांच में दो माह का समय लग जाता है,  लेकिन लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि इस जांच के दौरान कम से कम समय लगे, जिससे रोगी को सही समय पर मल्टी ड्रग्स रेसिसटेंट (एमडीआर) टी.बी. रोग का उपचार मिल सकें।
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