बर्ड फ्लू से लड़ाई में दिखी उम्मीद की किरण

By  ,  दैनिक जागरण
Jul 13, 2010

वायरस के हमला करने की पद्धति का पता चला
इस खोज से टीके  बनाने में मिल सकेगी मदद

 

पेरिस, एएफपी : बर्ड फ्लू सहित तमाम तरह के फ्लू से निपटने के लिए टीका विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्हें वायरस के द्वारा पक्षियों से इंसानों में फैलने वाले संक्रमण की प्रक्रिया का पता चल गया है। अब जब यह पता चल गया है कि हमला किस तरह होता है, तो हमले का जवाब ढूंढने में इससे निश्चित रूप में मदद मिलेगी। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि इससे न सिर्फ घातक बर्ड फ्लू, बल्कि किसी भी दूसरे फ्लू का वैक्सीन बनाने में मदद मिल सकेगी।

 

यूं तो पक्षियों में पाए जाने वाले सैकड़ों वायरस ज्ञात हैं, लेकिन इनमें कुछ ही ऐसे हैं जो इंसानों पर हमला करते हैं। एच1 और एच3 वायरस ऐसे वायरस में सबसे आम हैं। ये विशेष रूप से इंसान की कोशिकाओं पर हमला करके श्वसन प्रणाली को प्रभावित करते हैं।
शोध के मुताबिक मुर्गियों में पाए जाने वाले एच5 वायरस की कई किस्मों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। एच5 वायरस की कुछ किस्में इंसान के लिए घातक हैं। वैज्ञानिकों को अभी तक इस वायरस की वैक्सीन खोजने में विशेष सफलता नहीं मिली है।
शोध में एच5 वायरस की कुछ अज्ञात किस्मों को लेकर चिंता जताई गई है। पक्षियों में पाए जाने वाले ये वायरस इंसानों पर बड़ी आसानी से हमला करने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक नए वायरस 1918-19 के दौरान स्पेनिश फ्लू से फैली महामारी जैसा कहर बरपा सकते हैं। तब स्पेनिश फ्लू से यूरोप में एक करोड़ लोगों की मौत हुई थी।

 

शोध रिपोर्ट में इस बात की व्याख्या करने की कोशिश की गई है कि वायरस किस तरह इंसान की कोशिकाओं पर हमला करके उसके फेफड़े को प्रभावित करते हैं।

 

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