फेफड़े का कैंसर का पूर्वानुमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 18, 2013

फेफड़े के कैंसर आमतौर पर फेफड़े में कैंसरयुक्त सेल्स की असामान्य वृद्धि के कारण होते हैं। जब ये कैंसरयुक्त सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ते जाते हैं तब मिलकर ट्यूमर का निर्माण करते हैं। जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है यह फेफड़े के नजदीकी हिस्सों को नष्ट कर देते हैं।

lung cancer ka purvanumanफेफड़ों के कैंसर का मुख्‍य कारण स्‍मोकिंग है। ज्‍यादातर मामलों में लंग कैंसर को बढ़ाने वाले कार्सीनोज के केमिकल्‍स सिगरेट में पाये जाते हैं। लंग कैंसर होने पर सांस लेने में दिक्‍कत होती है, सीने में दर्द और थूक के साथ खून निकलने लगता है।

 

[इसे भी पढ़ें : कैंसर के प्रकार]

 

पूर्वानुमान कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्थास और रोगी के सम्पूमर्ण स्‍वास्‍थ्‍य पर निर्भर करता है। आमतौर पर निदान के बाद केवल 14 प्रतिशत रोगी ही 5 वर्षों से अधिक समय तक जीवित रहते हैं। सामान्यतया 5 वर्ष का सर्वाइवल रेट लंग कैंसर के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होता है।

एडीनोकार्सीनोमा - 17 प्रतिशत
स्‍क्‍वैरस सेल कर्सीनोमा -15 प्रतिशत
लार्ज सेल कार्सीनोमा - 11 प्रतिशत
स्मॉल सेल कार्सीनोमा - 5 प्रतिशत

ये सारे आंकड़े विभिन्‍न स्रोतों से इकट्ठा किये गए हैं। आंकड़े के अनुसार स्थिति अलग भी हो सकती है।

 

[इसे भी पढ़ें : ऐसे उपाय जो कैंसर से बचाये]

 

फेफड़े का कैंसर में डाक्‍टर को कब संपर्क करें -  

यदि आपको लंग कैंसर का कोई भी लक्षण महसूस हो तो तत्काल अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। यदि आप धूम्रपान करते हैं या किसी ऐसे उद्योग में काम करते हैं जहां एस्‍बेस्‍टोस का काफी मात्रा में उत्‍सर्जन होता है तो नियमित रूप से अपनी जांच कराते रहें।

 

फेफड़े का कैंसर की संभावित अवधि -

फेफड़े का कैंसर अगर हो जाता है और यदि इसका उपचार न हो तो लंग कैंसर लगातार बढ़ता और फैलता जाता है।

 

 

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