पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती है

By  ,  दैनिक जागरण
Aug 03, 2010

पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती हैलंदन: एक नए अध्ययन से पता चला है कि पैसे से भौतिकवादी सभी सुख और वित्तीय सुरक्षा हासिल की जा सकती है लेकिन यह आपको सर्वांगीण खुशी खरीदकर नहीं दे सकता। एक लाख तीस हजार लोगों को लेकर किए गए विश्वव्यापी सर्वेक्षण से पता चलता है कि सुरक्षा और आय के बीच संबध हैं लेकिन पैसे और आनंद के बीच कोई रिश्ता नहीं है।

गल्लाप व‌र्ल्ड के सर्वेक्षण के विश्लेषण से पता चला है कि जीवन में संतोष का ग्राफ निजी और पूरे राष्ट्र की वित्तीय स्थिति के अनुसार उपर नीचे होता है।

टेलिग्राफ द्वारा दी गई रिपोर्ट के मुताबिक सकारात्मक अनुभव जैसे खुशी और आनंद और अन्य चीजों पर निर्भर है जैसे आदर , स्वतंत्रता का अनुभव, ढेर सारे दोस्त होना और मनपसंद काम पूरा करना।

इलिनॉयस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ईडी डाइनर का कहना है कि लोग हमेशा यह सोचकर हैरान होते हैं कि क्या पैसा आपको खुश कर सकता है?

यह सर्वेक्षण यह पता लगाने के लिए किया गया है कि क्यों खुशी का संबध गहरे रूप से ज्यादा कमाई करने वालों के साथ जुड़ा हुआ है ?

 

इस सर्वेक्षण के नतीजों में कहा है, ''यह सच है कि आप जितने अधिक धनवान होंगे आपको जीवन में उतनी ही संतुष्टि होगी लेकिन संभवत: जैसा कि हम सोचा करते हैं.. जीवन का आनंद लेने में इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ता है।

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