पुरूषों में बोन कैंसर के लक्षण

पुरूषों में बोन कैंसर के लक्षण: पुरूषों में बोन कैंसर क्‍यों होता है। पुरूषों में बोन कैंसर का सबसे सामान्य कोन-कौन से लक्षण है। पुरूषों में बोन कैंसर का इलाज कैसे करें।

Nachiketa Sharma
कैंसरWritten by: Nachiketa SharmaPublished at: Feb 26, 2013
पुरूषों में बोन कैंसर के लक्षण

Purusho me bone cancer ke lakshan

बोन कैंसर या हड्डियों का कैंसर, कैंसर का बहुत ही खतरनाक रूप है जो कि किसी को और किसी भी उम्र में हो सकता है। बोन कैंसर ज्यादातर हाथ और पैर की हड्डी में होता है लेकिन यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। पुरूषों में बोन कैंसर महिलाओं की तुलना में ज्यादा पाया जाता है। बोन कैंसर के सामान्य लक्षणों को नजर अंदाज करना अक्सर मौत का कारण होता है। बोन कैंसर होने पर आदमी अक्सर थकान महसूस करने लगता है। हड्डियों में दर्द की वजह से काम करने और चलने में रुचि समाप्त होने लगती है। बोन कैंसर के लक्षणों से बचने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर समय रहते इसका इलाज कराना चाहिए।

 

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पुरूषों में बोन कैंसर के लक्षण –

हड्डियों में दर्द –


पुरूषों में बोन कैंसर का सबसे सामान्य लक्षण है हड्डियों में दर्द होना। प्राइमरी बोन कैंसर की शुरूआत हड्डियों में दर्द से होता है। कैंसर के सेल्स हड्डियों के ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं। बोन कैंसर सबसे ज्यादा हाथ और पैरों की हड्डियों को प्रभावित करता है। इसके अलावा रीढ की हड्डी और पसलियों पर भी इसका प्रभाव हो सकता है। काम के दौरान और रात में सोते वक्त हड्डियों का दर्द और भी बढ जाता है। रीढ की हड्डी पर दबाव पडने पर बैक पेन शुरू हो जाता है।


त्वचा में सूजन आना -


बोन कैंसर का असर हड्डी में जहां पर होता है वहां की त्वचा में सूजन आ जाता है। त्वचा का रंग लाल हो जाता है। अक्सर यह सूजन गांठ बन जाती है। यह गांठ कई दिनों तक बनी रहती है जबकि सामान्य गांठ कुछ‍ दिनों में समाप्त हो जाती है।

 

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वजन कम होना -


बोन कैंसर होने पर आदमी का वजन सामान्य नहीं रह पाता है और वजन कम होने लगता है। कैंसर होने पर सामान्य दिनों की अपेक्षा आदमी को भूख नहीं लगती है जिसकी वजह से भी वजन कम होने लगता है। खाने के प्रति आदमी की रुचि समाप्त होने लगती है।

पेशाब में दिक्कत -


बोन कैंसर का प्रभाव जब रीढ की हड्डी या श्रोणि (पेल्विक बोन) पर होता है तब आदमी को पेशाब करने में दिक्कत होने लगती है। क्योंकि बोन कैंसर के कारण आंत और मूत्राशय प्रभावित होते हैं। बार-बार पेशाब लगना और बार-बार पेशाब करने से बोन कैंसर बहुत तेजी से फैलने लगता है। रीढ की हड्डी में फैला ट्यूमर पेशाब और शौच क्रिया को अनियमित कर देता है।

थकान और बुखार -


महिलाओं में बोन कैंसर होने पर हड्डियों में हमेशा दर्द रहता है। हल्का सा चलने और काम करने में थकान महसूस होने लगती है। शरीर में अक्सर हल्का फीवर रहता है और बोन कैंसर ज्यादा प्रभावी होने पर बुखार तेज हो जाता है। उल्‍टी होना भी शुरू हो जाता है। 


बोन कैंसर होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। कैंसर के सेल्स का सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव हड्डियों के टीश्यूज पर पडता है जिसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों में दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि हड्डियों में दर्द बोन कैंसर का लक्षण हो सकता है।

 

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