पलकें ज्यादा झपकें तो मामला गड़बड़ है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 14, 2013

बातचीत करते समय क्या आपकी पलकें भी ज्यादा झपकती हैं? अगर ऐसा है तो समझ लीजिए कि आपका ध्यान उस काम में नहीं लग रहा, जिसे आप कर रहे हैं। कनाडा के एक विश्वविद्याल के ताजा अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया है।

पहले माना जाता था कि अगर पलकें ज्यादा झपकती है, तो आपका दिमाग अस्थिर है। लेकिन इस अध्ययन से पता चला है कि पलकों का ज्यादा झपकना शरीर के भी अस्थिर होने की निशानी है।

यूनिवर्सिटी आफ वाटरलू के मनोविश्लेषक डेनियल स्माइलेक के नेतृत्व में अध्ययन दल ने पाया कि किसी काम में मन लगने और न लगने के मामले में दिमाग की प्रतिक्रिया अलग-अलग होती है। इस अध्ययन के तहत पंद्रह स्वयंसेवकों को एक कंप्यूटर पर एक किताब का अंश पढ़ने को दिया गया। किताब पढ़ते समय उनकी आंखों की हरकतों को एक सेंसर से दर्ज किया गया। इस दौरान थोड़ी-थोड़ी देर के बाद कंप्यूटर से 'बीप' की ध्वनि निकलती रही। इससे यह पता चलता रहा कि कौन सा स्वयंसेवक कब ध्यान से पढ़ रहा है और कब उसका ध्यान किताब से हट रहा है।

इस अध्ययन से यह पता चला कि जब दिमाग इधर-उधर भटक रहा हो, तो पलकें ज्यादा झपकती हैं। जबकि अपने काम में व्यस्त रहने वाले की पलकें कम झपकती हैं। स्माइलेक कहते हैं कि जब पलकें बंद होती हैं तो दिमाग में बाहर से कम जानकारी जाती है यानी आपका दिमाग स्थिर नहीं होता है।

Loading...
Is it Helpful Article?YES10636 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK