नींद के बगैर चैन भी नहीं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 18, 2011

सच तो यह है कि नींद के बगैर किसी का गुजारा नहीं। प्रकृति के चक्र की तरह शरीर का भी एक चक्र होता है और हमारा शरीर निश्चित समय में पूरा आराम चाहता है। जिसमें हमारी आंखें मुंदने लगती हैं, पलकें बोझिल होने लगती हैं और शरीर निढाल हो जाता है।

 
रात की पाली में काम करने वाले लोगों को अक्सर कई तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। उनकी याददाश्त कमजोर होने लगती है। कई संस्थान कर्मचारियों को अब लगातार नाइट शिफ्ट में काम नहीं कराते। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी ज्यादातर चैनलों ने पांच दिन का सप्ताह कर दिया है। जिन लोगों को सप्ताह में छह दिन काम करना होता है, वे भी कोशिश करते हैं कि रविवार की छुट्टी पर भरपूर नींद ले सकें ।

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