दो आंखों को तीन से ज्यादा नहीं दिखता

By  ,  दैनिक जागरण
Jan 04, 2011

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी की खोज से पता चला

 

इससे मल्टीटास्किंग की गुत्थियों को सुलझाने में मदद मिलेगी

 

सामने दुनिया का सबसे खूबसूरत नजारा हो या फिर कोई बदसूरत दृश्य, अपनी दो आंखों से आप घूमती हुई कितनी चीजें देख सकते हैं। आप कहेंगे कई, लेकिन यह हकीकत नहीं है। कहने को भले ही नजरें सारा जहां दिखा रही हों, आपका दिमाग एक साथ तीन से ज्यादा चलती हुई चीजों पर ध्यान नहीं दे पाता।

 

इस खोज से सड़कों की डिजाइन, सड़क सुरक्षा योजना, ड्राइवरों एवं पायलटों की ट्रेनिंग और फास्ट स्पो‌र्ट्स के क्षेत्रों पर दूरगामी असर पड़ेगा। इससे मल्टीटास्किंग की गुत्थियों को भी सुलझाने में मदद मिलेगी। इस शोध दल का नेतृत्व कह रहे ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के डॉ. मार्क एडव‌र्ड्स कहते हैं, 'कहा जाता है कि जो लोग मल्टीटास्किंग में माहिर होते हैं, वह एक साथ कई चीजों को प्रोसेस कर लेते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसे लोग एक काम करने के बाद दूसरे लक्ष्य पर दूसरों से ज्यादा जल्दी ध्यान दे पाते हैं।'

 

इस शोध के तहत वैज्ञानिकों ने लोगों को बिंदुओं के समूहों को अलग-अलग दिशाओं में एक गति से घूमते हुए दिखाया। पाया गया कि भिन्न-भिन्न दिशाओं में घूमते दो बिंदू समूह ही दिखे। बिंदू समूहों की गति में फर्क करने पर अधिकतम तीन बिंदू समूह दिखाई दिए। गति को ज्यादा बढ़ाने पर सब कुछ धुंधला दिखाई देने लगा।

 

इस प्रक्रिया को रोजमर्रा के उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। जब आप गोलचक्कर पर होते हैं, तो आपको वैसे तो कई दिशाओं से आते-जाते कई वाहन दिखते हैं, लेकिन एक समय में उनमें से तीन से ज्यादा पर नजर नहीं रखी जा सकती। आपका दिमाग पहले दाईं ओर से आते वाहन को देखेगा, उसके बाद गोलचक्कर पर नजर जाएगी और फिर बाईं ओर ध्यान जाएगा।


Loading...
Is it Helpful Article?YES10902 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK