दिल के मरीजों को राहत देंगी नई दवाएं

By  ,  दैनिक जागरण
Dec 30, 2010

श्वसन संबंधी साइड इफेक्ट से होंगी मुक्त
 
लंदन, एजेंसी : ब्रिटिश शोधकर्ता हृदय रोग और एंजाइना संबंधी ऐसी दवाएं विकसित करने में लगे हैं जो श्वसन संबंधी दुष्प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होंगी।

 

नाटिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसके लिए एक पदार्थ विकसित कर लिया है। यह पदार्थ अन्य दवाओं में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ की तुलना में हृदय और फेफड़ों में बेहतर भेद कर सकता है। इससे दवा का असर सीधे हृदय तक पहुंचेगा। प्रमुख शोधकर्ता जिल बेकर ने कहा, 'एक बार विकसित होने के बाद यह दवा हृदय और फेफेड़े संबंधित बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।'

 

गौरतलब है कि वर्तमान में चिकित्सक हृदय की बीमारियों और क्रानिक अब्सट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज (सीओपीडी) के लिए जिन दवाओं का इस्तेमाल करते हैं उनसे श्वसन संबंधी परेशानियां पैदा होती हैं। लेकिन, नई किस्म की दवाओं के सेवन से इस प्रकार की परेशानियों से रोगी को बचाया जा सकेगा।

 

शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि यह दवा सफलता पूर्वक विकसित हो गई तो यह बिना किसी दुष्प्रभाव के रोगियों को लाभ पहुंचाएगी। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह दवा अस्थमा रोगियों के लिए भी लाभकारी होगी।

 

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